संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई में शनिवार को हुई एक साल की प्रियंसिता की मौत के मामले में पीजीआई निदेशक एसके सिंघल ने सोमवार को एमएस से जवाब मांगा। चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) ने जवाब में बताया सोनीपत से बच्ची को रेफर करने से पहले सोनीपत अस्पताल के स्टाफ को पीजीआई में वेंटिलेटर होने की जानकारी लेनी चाहिए थी।
पीजीआई में उस समय वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था। इस तरह बिना जानकारी लिए बच्ची को रेफर करना गलत था। सोनीपत और खरखौदा में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।
यह था मामला
शनिवार को सोनीपत से एक साल की बच्ची को रेफर किया गया था। बच्ची की हालत गंभीर थी, उसके बावजूद उसे वेंटिलेटर नहीं मिला। आठ घंटे जिंदगी से जूझने के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया था।
एमएस से जवाब मांगा गया। एमएस ने बताया कि बच्ची को बिना जानकारी लिए रेफर करना गलत था। जिस समय पीजीआई में बच्ची आई, उस समय वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था।
- एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।