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Rohtak News: कहीं लक्ष्मण मूर्छा मंचन तो कहीं पर हुआ लंका दहन

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रोहतक। पुराने आईटीआई ग्राउंड स्थित रामलीला उत्सव में वीरवार को कलाकारों ने लक्ष्मण मूर्छा तो अन्य रामलीलाओं में लंका दहन का मंचन किया गया। इसमें उद्घाटनकर्ता उद्योगपति डाॅ. आदित्य बत्तरा रहे। मुख्य अतिथि उद्योगपति राजेंद्र बंसल और विजय तायल रहे।
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विशिष्ट अतिथि समाजसेवी उद्योगपति रविंद्र गर्ग बाॅबी, अति विशिष्ट अतिथि जयभगवान बंसल, उत्सव कमेटी के मुख्य संरक्षक प्रसिद्ध समाज सेवी उद्योगपति राजेश जैन, प्रधान सुभाष तायल, समाजसेवी राजीव जैन ने फीता काटकर व रिमोट का बटन दबाकर रामलीला का शुभारंभ किया।
कलाकारों द्वारा जारी मंचन में श्रीराम वानर सेना सहित युद्ध के लिए तैयार होकर विभीषण से पूछते हैं कि रावण की ओर से आज युद्ध की कमान किसके हाथ में है। तब विभीषण गुप्तचरों की सहायता से बताते हैं कि आज का सेनापति रावण का पुत्र मेघनाथ है। तब श्रीराम खुद युद्ध में मोर्चा संभालने की बात करते हैं, पर लक्ष्मण के आग्रह करने पर कि मुझे युद्ध में जाने की आज्ञा दी जाए। तब श्रीराम लक्ष्मण की बात मानकर हनुमान, सुग्रीव, अंगद सहित उन्हें युद्ध में भेज देते हैं। उधर से मेघनाथ लक्ष्मण को ललकारते हुए युद्ध में आता है। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध होता है। तब मेघनाथ ब्रह्म शक्ति का प्रयोग करके लक्ष्मण पर वार कर देता है। ब्रहम शक्ति लगते ही लक्ष्मण मूर्छित हो जाते है।
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इस अवसर पर जयभगवान ऐरन, रमेश रोहिल्ला, विपीन गोयल, गुलशन निझावन, वरूण सिंगल, मनोज जिंदल, मीडिया प्रभारी राजीव जैन, सुरेंद्र बल्ली, अनिल बंसल, रामकुमार पंचाल, अमित गुप्ता, सन्नी निझावन, शीतल, विकास दलाल, अंकित गर्ग, योगेश अरोड़ा, वरुण शर्मा, नरेश शर्मा, राजन गुप्ता, सुशील मंगला, दिनेश तायल आदि मौजूद रहे।
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न्यू श्रीरामलीला कमेटी में हुआ लंका दहन
कलाकारों द्वारा मंचन में लंका में हनुमान के पहुंचने की सूचना पर रावण मेघनाथ से उन्हें बंदी बनाकर लाने को कहता है। मेघनाथ ब्रह्मास्त्र फेंकते हुए हनुमान को बंदी बना लेता है और रावण के दरबार में ले जाता है। हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान जी पूरी लंका को जला डालते हैं।

प्राचीन रामलीला और नेक कुकारों वाली रामलीला में हुआ लंका दहन
जब राम जी की सेना समुंद्र के किनारे पहुंच जाती है तो प्रभु श्री राम हनुमान जी को रावण को अंतिम चेतावनी व सीता जी का हाल जानने के लिए भेजते हैं, जब हनुमान जी समुंद्र के ऊपर से जा रहे होते हैं तो आगे बढ़ने पर सुरसा हनुमानजी का रास्ता रोक लेती है। अनुनय विनय के बाद भी बात न बनने पर सुरसा के मुख का फैलाव 32 योजन होते ही हनुमान जी सूक्ष्म रूप धर प्रवेश कर, बाहर आ जाते हैं। अहंकारी रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। लेकिन पल भर में हनुमान जी रावण की लंका को जलाकर राख करते हैं।

पंजाबी रामलीला और पुरानी अनाज मंडी में लक्ष्मण मूर्छा का हुआ मंचन
श्रीराम वानर सेना सहित युद्ध के लिए तैयार होकर विभीषण से पूछते हैं कि रावण की ओर से आज युद्ध की कमान किसके हाथ में है। तब विभीषण गुप्तचरों की सहायता से बताते हैं कि आज का सेनापति रावण का पुत्र मेघनाथ है। तब श्रीराम खुद युद्ध में मोर्चा संभालने की बात करते हैं, पर लक्ष्मण के आग्रह करने पर कि मुझे युद्ध में जाने की आज्ञा दी जाए। तब मेघनाथ ब्रह्म शक्ति का प्रयोग करके लक्ष्मण पर वार कर देता है। ब्रहम शक्ति लगते ही लक्ष्मण मूर्छित हो जाते है।
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