रोहतक। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने मार्केट कमेटी और किसान सहायता केंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की हर समस्या का समाधान किया जाए। जिन किसानों का भी रजिस्ट्रेशन के समय का रकबा खरीद के समय गायब दिख रहा है, ऐसे सारे केसों का वेरिफिकेशन करवाया जाए। समस्या हल करने के बाद किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर फोन कर इसकी सूचना दी जाए। उन्होंने वीरवार शाम रोहतक मंडी और कलानौर सब-यार्ड का औचक निरीक्षण किया।
किसानों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, वीरवार के अंक में खरीद के समय रकबा गायब शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद सुबह एसडीएम राकेश सैनी ने अनाज मंडी के किसान सहायता केंद्र के स्टाफ को शिकायतों को लेकर दिशा-निर्देश दिए। शाम को उपायुक्त भी उनके साथ किसान सहायता केंद्र पहुंचे। उपायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि मंडियों में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों की समस्या का समाधान तुरंत करें। उन्होंने किसान सहायता केंद्र में लगाए गए शिकायत रजिस्टर का अवलोकन किया। अधिकारियों से पूछा कि किस प्रकार से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी में अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों की हरसंभव सहायता की जाए। उनकी शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंडी के ऑक्शन हॉल और किसानों के लिए बनाई कैंटीन का भी निरीक्षण किया। बाजरा की ढेरी पर जाकर किसानों और आढ़तियों से बात की, उनसे समस्याएं पूछीं। खरीद और उठान की पूरी प्रक्रिया को देखा और दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र ढुल भी मौजूद थे।
ऐसे होगा किसानों की समस्याओं का समाधान
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एसडीएम राकेश सैनी ने बताया कि किसान सहायता केंद्र में पक्के तौर पर रजिस्टर लगाया गया है। जहां हर किसान की समस्या नोट की जाएगी। फिलहाल वे उन्हें एसडीएम कार्यालय भेजेंगे, वेरिफिकेशन के बाद किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर समाधान के बारे में सूचित किया जाएगा। मार्केट कमेटी सचिव ने सुझाव दिया था कि एनआईसी का कोई आईटी माहिर सहायता केंद्र में तैनात कर दिया जाए तो मौके पर ही ज्यादातर समस्याएं निपट जाएंगी। उपायुक्त ने इसके लिए मुख्यालय बात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे एनआईसी के माहिरों को एक दिन की ट्रेनिंग दे देंगे। साथ ही वे मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर रोहतक से संबंधित डाटा भी देख सकेंगे, उसमें सुधार कर सकेंगे। अगर किसी किसान का ब्योरा गलत भरा गया है तो उसे ठीक करवा दिया जाएगा। लेकिन अगर किसी ने बाजरा का रजिस्ट्रेशन दस एकड़ का करवाया और मौके पर वेरिफिकेशन में दो एकड़ मिला तो उसकी दो एकड़ की फसल ही बिकेगी।
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25 शिकायतें, मसला एक
किसान सहायता केंद्र में 25 शिकायतें दर्ज की गईं, सभी का मसला एक ही है। रजिस्ट्रेशन करवाते समय जो रकबा भरा था, वह गायब हो गया है। केंद्र पहुंचे सुनारिया के राजवीर सिंह ने ढाई एकड़ बाजरा रजिस्टर्ड करवाया, उनका पांच क्विंटल आया है। सहायक सचिव कोमिला ने उन्हें बताया कि पंजीकरण करवाते समय गलती हुई होगी। जब पोर्टल दोबारा खुलेगा तो री-शिड्यूलिंग करवाएंगे। एक आढ़ती भी परेशान हालत में पहुंचे, वह जे और आई फॉर्म नहीं भर पा रहे थे। सुनारिया के कुलदीप ने बाजरा के आठ एकड़ और धान के छह एकड़ पंजीकृत करवाए थे, सारे ही गायब हो गए हैं। बालंद के ईश्वर का ढाई एकड़ बाजरा था, चार क्विंटल का मैसेज आया है। मोरखेड़ी के सुरेंदर का पांच एकड़ बाजरा एक एकड़ रह गया है।
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रोहतक में खरीदा गया 1970 क्विंटल बाजरा
उपायुक्त ने बताया कि जिले की मंडियों में बाजरा और धान की खरीद जारी है। रोहतक मंडी में 1970 क्विंटल बाजरा खरीदा गया, 180 क्विंटल पीआर धान की खरीद हुई। कलानौर सब-यार्ड में 415 क्विंटल, महम में 2311 क्विंटल, सांपला में 2831 क्विंटल बाजरा की खरीद की गई। सभी मंडियों से बाजरा की लिफ्टिंग का काम भी लगातार जारी है।