बोहर गांव में बुधवार को सूफी गायक कैलाश खेर ने अपना 47वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने ‘कर-कर मैं हारा हर जतन, तेरी तड़प तेरी लगन...’ गीत सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाजसेवा कर उन्हें ज्यादा सुख की अनुभूति मिलती है। उन्हें रोहतक पसंद आया है और वह जल्द ही फिर आएंगे। वह जाट शिक्षण संस्थान के पूर्व प्रधान राज सिंह नांदल के घर करीब डेढ़ घंटे तक रुके रहे। इसके बाद वे माया नगरी मुंबई रवाना हो गए। इस मौके पर उन्होंने हरियाणवी संस्कृति की कई जानकारी भी जुटाईं।
पूर्व प्रधान राज सिंह नांदल ने बताया कि गायक कैलाश खेर अपना 47वां जन्मदिन मनाने रोहतक आए थे। उन्हें हरियाणवी संस्कृति से काफी लगाव है। उन्होंने हरियाणा के देहात, रीति रिवाज, विवाह समारोह के नियमों की जानकारी ली। इस दौरान परिवार की सुमन का भी जन्मदिन मनाया गया। उन्होंने बताया कि कैलाश खेर फाउंडेशन कई वर्षों से मानव सेवा में अग्रसर है और अब तक कई जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं। कोरोना संक्रमण काल में उन्होंने मानव सेवा के लिए जगह-जगह राशन के ट्रक व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचवाएं हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से रामकरण सहरावत, कृष्ण कुमार नंबरदार, कैप्टन दयानंद, राजबाला चौधरी, आशीष नांदल, रेणू बाला, सुमन, पुष्टि, आदित्य, देवव्रत व वेदिका मौजूद रहे।