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Haryana: लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया अपनी जगह, प्रचार का पुराना फार्मूला भी आजमा रहे नेता; वोटरों में बेरुखी

Fri, 03 May 2024 04:01 PM IST
नवीन दलाल योगेश नारायण दीक्षित, रोहतक (हरियाणा)

सार

लोकसभा चुनाव को लेकर हरियाणा की 9 सीटों पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों में है। सभी प्रत्याशियों के सोशल मीडिया पेज धड़ाधड़ बन रहे हैं। पोस्ट, फोटो और वीडियो जारी किए जा रहे हैं। वहीं, प्रत्याशियों की मांग पर दीवारों पर चस्पा किए जाने पोस्टर और बैनर तैयार करने का काम जोरों पर चल रहा है।
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चुनाव प्रचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपके लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की सोशल मीडिया पर जबरदस्त दस्तक है। मोबाइल हाथ में लेते ही एक-दो प्रत्याशियों के दौरों के वीडियो किसी न किसी प्लेटफार्म के माध्यम से आप तक पहुंच जाते हैं। उनके सोशल मीडिया पर फॉलोवर लाखों में हैं। लेकिन, ज्यों-ज्यों चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही, इन प्रत्याशियों की रैलियों से भीड़ गायब होती जा रही है।

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उनके दिल में डर बैठ रहा है कि मतदान के दिन लोग उनके लिए वोट डाले निकलेंगे भी कि नहीं। इसीलिए कई प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों तक पहुंचने और उन्हें मतदान के लिए घरों से बाहर निकालने के लिए पुराने आजमाए फार्मूले की ओर लौटना शुरू किया है। माहौल बनाने के लिए गलियों में बैनर लटकने लगे हैं और पर्चे-पोस्टर तैयार किए जा रहे हैं।

हरियाणा की 9 सीटों पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों में है। एक सीट पर आप और भाजपा आमने-सामने है। मैदान में जजपा-भाजपा प्रत्याशियों ने भी ताल ठोक दी है। सभी प्रत्याशियों के सोशल मीडिया पेज धड़ाधड़ बन रहे हैं। पोस्ट, फोटो और वीडियो जारी किए जा रहे हैं। लेकिन, इन्हीं प्रत्याशियों के लिए जब प्रदेश के लिए जब प्रदेश के नेता सभा और रैली कर रहे हैं तो आधी कुर्सियां खाली मिलती हैं। यह खालीपन प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा रहा है। इसीलिए उन्हें व्यक्तिगत संपर्क के लिए जनसंपर्क के पुराने फार्मूले पर लौटना पड़ रहा है।
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पहला काम, गांव के लोगों से सीधा संवाद
रोहतक और सोनीपत में प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्र के बड़े गांवों में मतदाताओं से सीधा संवाद शुरू कर दिया है। बैठक में बाहर का कोई नेता नहीं होता और न लंबे भाषण होते हैं। प्रत्याशी द्वारा गांव के प्रमुख लोगों के नाम लिए जाते हैं और सीधे गांव की समस्या और क्षेत्र की जरूरत पर वादे किए जाते हैं। गांव में इन्हीं मुद्दों को इंगित करते पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं और पर्चे बांटे जा रहे हैं। जानकार बता रहे हैं कि पार्टियों के निशान वाले बिल्ले और मत्थे पर बांधने के लिए पट्टियां तैयार करवाई जा रही हैं।

दुकानों में रौनक लौटी, आर्डर बढ़े
प्रत्याशियों की मांग पर दीवारों पर चस्पा किए जाने पोस्टर और बैनर तैयार करने का काम जोरों पर चल रहा है। रोहतक की प्रिंटिंग वाली गली में इन दिनों रौनक भी है और काम भी। कई प्रेस में इन दिनों पार्टियों के निशान वाली प्रचार सामग्री दिख जाएगी। कागज, कपड़ा और प्लास्टिक पर तैयार हो रही यह सामग्री उस दौर की याद दिला रही है जब गली-गली में हल चलाता किसान, गाय-बछड़ा और ऐसे ही निशान लगे बिल्ले बच्चों की शर्ट पर दिखते थे। नई प्रचार सामग्री भी लगभग उसी तर्ज पर तैयार हो रही है। पंजा और कमल तो हर दुकान पर दिख जाएगा।

आकर्षक पट्टियां, वाहनों पर लगाने वाले झंडे
रोहतक में चुनाव प्रचार सामग्री तैयार करने और बेचने वाले एक कारोबारी का कहना है कि प्रत्याशी अपनी पार्टी के झंडे वाली पट्टियों पर नाम और निशान लगवाकर युवाओं में बांटने के लिए मंगवा रहे हैं। कम खर्चे में तैयार पट्टियां पहनकर कार्यकर्ता रैली में जाते हैं तो माहौल पार्टी के रंग में रंगा नजर आता है। उनके मुताबिक सोशल मीडिया से कनेक्ट नहीं हो पाता है। इसलिए प्रचार सामग्री के जरिए मतदाताओं तक प्रत्याशी पहुंच बढ़ा रहे हैं।

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