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Rohtak News: आग लगने के 24 घंटे बाद भी दुकानों से उठता रहा धुआं, एडीसी करेंगे जांच

Thu, 11 Jun 2026 02:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रोहतक। डी पार्क की गोल मार्केट की दुकानों में मंगलवार को लगी आग के 24 घंटे बाद भी दुकानों से रह-रहकर धुआं बुधवार दोपहर बाद तक उठता रहा मगर मौके पर तैनात की गईं दमकल की गाडि़यों की मदद से उसको बुझा दिया गया। यही नहीं प्रशासन नेे हादसे की वजह से हुए नुकसान का आकलन व अन्य की जांच व पुष्टि के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है।
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पिछले 24 घंटे में दमकल की 50 से ज्यादा गाडि़यां आग लगने वाले स्थल पर पहुंचीं। रह-रहकर दुकानों से उठने वाले धुएं को देखते हुए घटनास्थल क्षेत्र को दिनभर सील रखा गया। यहां पर बैरिकेड्स लगाकर आवागमन को रोके रखा गया। किसी को भी इस रास्ते पर आने-जाने की अनुमति नहीं थी। यहां तक की मीडिया कर्मियों को भी घटनास्थल से दूर रखा गया।
मुआवजे की मांग को लेकर थाने पहुंचे व्यापारी

आग लगने से प्रभावित होने वाले दुकानदार मुआवजा दिलाने और नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर बुधवार को सिविल लाइन थाने पहुंचे। पुलिस से बातचीत में व्यापारियों ने अपनी नुकसान की बात रखी। यहां करीब डेढ़ घंटे बाद लिखित शिकायत देने पर सहमति बनी। देर शाम तक व्यापारी नुकसान का आकलन करने में जुटे रहे।
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शुक्र है किसी कोई और जानी नुकसान नहीं हुआ

मंगलवार को तीन शवों को निकाले जाने के बाद चर्चा थी की अभी भी आग में कुछ और लोग फंसे हैं मगर आग बुझने के बाद अन्य किसी के अंदर नहीं होने की पुष्टि हो गई है। इसके अलावा कोई ऐसा व्यक्ति भी सामने नहीं आया है जो यह कहे कि उनका अपना नहीं मिला है।
आग की वजह से दीवारों के प्लास्टर गिर, लोहे भी पिघल गए

आग का भयावहता का इसी से पता चलता है कि दुकानों के दीवारों के प्लास्टर से लेकर उनमें लगाए गए लोहे के एंगल और अलमारी तक गरम होकर गिर गए हैं। लोहे के जो भी सामान लगे थे वह पूरी तरह से कबाड़ बन चुके हैं।
पीजीआई से श्मशान पहुंचा सौरभ का शव

बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गुरुनानकपुरा निवासी सौरभ का शव पीजीआई से सीधे गोहाना रोड स्थित श्मशान ले जाया गया। यहां मौजूद सौरभ की मां डिंपल व चाची रितु बिलख उठीं। बेटे को इस तरह साथ छोड़कर जाता देख दोनों चित्कार कर उठीं। इधर, नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल का शव पीजीआई से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचा तो पत्नी राजेश व उनकी दो बेटियां फफक पड़ीं। इनका रो-रोकर बुरा हाल था। बाबरा मोहल्ला निवासी अमन यादव का शव घर पहुंचा तो मां सविता, पत्नी सीमा व बहन अन्नू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार अमन को देखने की बात कहती रहीं। जूता व्यापारी व दो कर्मचारियों की मौत से इलाके में सन्नाटा पसरा नजर आया।
अग्निकांड के दौरान जान गंवाने वालों को मुख्यमंत्री ने मुआवजा देने की घोषणा कर दी है। घटना की जांच को लेकर एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी हादसे की वजह, आगजनी से नुकसान का आकलन करने के साथ व अन्य जरूरी बातों की जांच व पुष्टि करेगी। -सचिन गुप्ता, उपायुक्त।
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