पटाखे और पराली जलाने से निकले धुएं ने मौसम के बदलाव से मिलकर स्मॉग का रूप ले लिया है। वातावरण में पिछले चार दिनों से कुहासा बनकर छाया स्मॉग अभी दो-तीन दिनों तक और परेशान करेगा। मौसम वैज्ञानिक दो-तीन दिन बाद ही वातावरण साफ होने की संभावना जता रहे हैं। फिजा में घुले जहरीले कणों को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।
दीपावली पर की गई पटाखेबाजी हर साल लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती है। पटाखों से निकला धुआं बीमारियों को न्योता देता है। माना जा रहा है कि इस बार दिवाली की आड़ में किसानों ने खेतों में पराली जलाकर वातावरण को और प्रदूषित कर दिया है। तापमान में गिरावट होने के कारण पटाखों और पराली का धुआं निचली सतह पर जमा हुआ है।
हवा और बारिश नहीं होने के कारण यह ऊपरी सतह पर नहीं गया। हालात यह है कि सर्दी के शुरुआत में ही दिन भर सूरज दिखाई नहीं दे रहा। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। दृश्यता कम होने की वजह से सड़कों पर चलने भी परेशानी हो रही है। बिगड़े पर्यावरण पर हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी दो-तीन दिन स्मॉग और रहेगा। हालांकि, अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन मौसम में परिवर्तन के कारण धुआं धीरे-धीरे खुद कम हो जाएगा।
इस बार दीपावली के साथ-साथ किसानों ने पराली भी जला दी है, जिस कारण यह स्थिति पैदा हुई है। यह बेहद खतरनाक है। लोगों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।
- डॉ. राज सिंह, विभागाध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग एचएसयू