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Rohtak News: गांव डूमरखा कलां में बीता था स्मिति चौधरी का बचपन

Sat, 28 Jun 2025 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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जींद के अर्बन एस्टेट स्थित आईपीएस स्मिति चौधरी का मकान। संवाद
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जींद। दिवंगत आईपीएस स्मिति चौधरी (48) का बचपन डूमरखा कलां गांव में बीता। उनका यह पैतृक गांव है। हालांकि बचपन में ही उनके माता-पिता गांव छोड़ गए थे। इसके चलती उनकी पढ़ाई अलग-अलग शहरों में बाहर ही हुई थी। उनका बाकी परिवार गांव में ही रहता है। कभी-कभी वह गांव भी अपने ताऊ और चाचा से मिलने आती रहती थीं।
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पिछले दिनों तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नासिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका जन्म 15 अगस्त 1976 को हुआ था। कैथल में उनकी शादी हुई थी। फिलहाल स्मिति का परिवार पंचकूला में रह रहा है।
स्मिति चौधरी की मौत की सूचना के बाद शुक्रवार को उनके अर्बन इस्टेट जींद स्थित उनका घर सुनसान नजर आया। मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था। उनके माता-पिता सप्ताहभर पहले ही बेटी से मिलने नासिक चले गए थे।
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स्मिति चौधरी की मां जयवंती श्योकंद आईएएस रह चुकी हैं और इनके पिता रामकुमार श्योकंद प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। भाई यशेन्दर श्योकंद आईएएस हैं और फिलहाल पंचकूला में सेवाएं दे रहे हैं। उनके पति राजेश कुमार भी आईपीएस अधिकारी हैं। वह महाराष्ट्र में आईजी के पद पर हैं।

एचपीएस पद पर हुआ था चयन
स्मिति बतौर एचपीएस अधिकारी हरियाणा पुलिस में आईं थी लेकिन बाद में उनकी पदोन्नति आईपीएस के तौर पर हो गई। इसके बाद वह 2012 बैच की हरियाणा कैडर की आईपीएस अधिकारी बनीं।

जींद में बुजुर्गों के लिए संगठन चलाती है मां जयवंती श्योकंद
स्मिति चौधरी की मां जयवंती श्योकंद कई सालों से बुजुर्गों के लिए संगठन चलाती हैं। कई साल पहले उन्होंने सीनियर सिटीजन फॉर्म संगठन शुरू किया था। इस संगठन में सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी सदस्य हैं।
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