रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के पांच शिक्षकों और एक शोधार्थी का चयन हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (एचएसआरएफ) के तहत शोध अनुदान के लिए हुआ है। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने यह अनुदान स्वीकृत किया है। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने इस उपलब्धि पर सभी चयनित शिक्षकों एवं शोधार्थी को बधाई दी।
प्रो. पूनियां ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर में गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। एचएसआरएफ के तहत प्रधान अन्वेषकों में फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के प्रो. हरीश दुरेजा शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी केंद्र की प्रो. दर्शना चौधरी और वाणिज्य विभाग की प्रो. सीमा राठी भी चयनित हुई हैं।
एमडीयू-सीपास की डॉ. निधि और शिक्षा विभाग की डॉ. वनीता रोज को भी अनुदान मिला है। एम.फार्मेसी की शोधार्थी रिम्पी का भी शोध अनुदान के लिए चयन हुआ है। इन शोध परियोजनाओं से समाजोपयोगी अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।
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स्वीकृत अनुदान और परियोजना विवरण
प्रो. हरीश दुरेजा को 32 लाख रुपये, प्रो. दर्शना चौधरी को 31 लाख रुपये और प्रो. सीमा राठी को 18 लाख रुपये मिले हैं। डॉ. निधि को 14 लाख रुपये, डॉ. वनीता रोज को 7 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है। शोधार्थी रिम्पी को 2.95 लाख रुपये का शोध अनुदान प्राप्त हुआ है। इन शोध परियोजनाओं में विभिन्न विभागों के शिक्षक सह-अन्वेषक के रूप में भी जुड़े हैं। शोधार्थी रिम्पी की परियोजना के पर्यवेक्षक प्रो. गोविंद सिंह हैं।