संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमनदीप कुमार की अदालत ने 60 लाख रुपये की जमीन धोखाधड़ी मामले में आरोपी ओम प्रकाश को बरी कर दिया। छह साल चले केस में पुलिस पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाई जिससे अदालत ने उसे संदेह का लाभ दिया है।
शिकायतकर्ता सुदेश ने 2017 में सिविल लाइन थाने में ओम प्रकाश, प्रदीप और देवेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। यह रकम जमीन बेचने के बहाने सुदेश के पति जय सिंह से ली गई थी। प्रदीप का निधन हो चुका है जबकि देवेंद्र सिंह भगोड़ा घोषित है।
अदालत ने पाया कि ओम प्रकाश केवल समझौते में गवाह था। अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि उसने पैसे लिए या धोखाधड़ी में शामिल था। अदालत ने कहा कि ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से कोई पैसा नहीं मिला और पुलिस हिरासत का बयान सबूत नहीं माना जा सकता।