पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 40 हो गई है। ईएनटी में बेड कम पड़ने पर संस्थान ने ब्लैक फंगस के कुछ मरीजों को नेत्र विभाग के वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। संस्थान जरूरत पड़ने पर अन्य वार्डों को भी ब्लैक फंगस मरीजों के लिए आरक्षित कर सकता है।
संस्थान ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए 15 बेड नेत्र विभाग से लिए हैं। वर्तमान में ईएनटी में आठ पोस्ट ऑपरेटिड मरीज हैं। बुधवार को दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया और वह बिल्कुल ठीक हैं। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि पीजीआईएमएस के अलावा तीन निजी अस्पताल में भी 13 मरीज भर्ती हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में बुधवार को ब्लैक फंगस से किसी की मौत नहीं हुई है। सभी मरीजों को अप्रूवल के हिसाब से इंजेक्शन उपलब्ध करवाया जा रहा है। बुधवार को विभाग ने तीन मरीजों के लिए इंजेक्शन उपलब्ध कराया है।
2250 का इंजेक्शन मिल रहा 150 रुपये में
ब्लैक फंगस के मरीजों को अब तक 2250 रुपये का इंजेक्शन ब्लैक में सात हजार में खरीदना पड़ रहा था। सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह इंजेक्शन सरकारी अस्पताल में निशुल्क व निजी अस्पताल में अप्रूवल के बाद 150 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। इंजेक्शन की कीमत में आ रहे अंतर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि दोनों की अलग-अलग गुणवत्ता है। हम जो इंजेक्शन उपलब्ध करा रहे हैं वह मरीजों का उपचार करने में सक्षम है। निजी अस्पताल में दाखिल मरीजों की अप्रूवल मिलते ही इंजेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाता है। बुधवार को भी तीन मरीजों के लिए भिवानी से इंजेक्शन अरेंज कराया गया है।