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शतायू धर्मो देवी ने मनाया 100वां जन्मदिन

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नव वर्ष का पहला दिन भले हर आम और खास ने अलग अंदाज में मनाया हो, मगर सुंडाना के स्वर्गीय स्वतंत्रता सेनानी तेलीराम की धर्मपत्नी धर्मो देवी के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। धर्मो देवी ने अपनी चार वर्षीय पोती आशू व तीन वर्षीय पोती अंतिम के साथ अपना 100वां जन्म दिन मनाया। परिवार के साथ केक काट कर उन्होंने सबके साथ अपनी खुशी साझा की।
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धर्मो को 17 की उम्र में मिली गृहस्थी
शतायु धर्मो देवी को 17 वर्ष की उम्र में गृहस्थी मिली। झज्जर के शेखपुरा की इस बेटी का जन्म एक जनवरी 1919 को हुआ था। इसलिए परिवार ने एक जनवरी 1920 को 100 साल पूरे होने पर इनका जन्म दिन मनाया। 17 साल की उम्र में सुंडाना निवासी किसान तेलीराम से उनकी शादी हुई। तेलीराम देश के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल रहे। इसमें उन्हें पत्नी का भी पूरा सहयोग मिला।
संघर्ष ने हर कदम पर ली परीक्षा
शतायु धर्मो का जीवन संघर्ष से भरा रहा है। संघर्ष ने हर कदम पर उनकी परीक्षा ली। देश की आजादी से पहले स्वतंत्रता संग्राम और परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। बाद में भी पति का कंधे से कंधा मिला कर साथ दिया। वर्ष 1982 में पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ पड़ी। इसके तीन साल बाद वर्ष 1985 में उनका दायां हाथ चारा काटते समय कोहनी तक कट गया। सीधे हाथ से काम करने वाली धर्मो ने अब फिर नए सिरे से जीवन शुरू किया। उन्होंने अपने बाएं हाथ से काम करना, खाना बनाना सीखा।
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खुद बनाती है बिस्तर, करती है सफाई
शतायु धर्मो उम्र के इस पड़ाव में भी खुद काम करती है। अपना खाना खुद खाती है। खाना घर का बना ही पसंद है। बाहरी खाने से हमेशा परहेज बरता है। सुबह व शाम को एक-एक रोटी व एक-एक गिलास दूध उनकी खुराक है। सफाई इतनी पसंद है कि अपना बिस्तर खुद बनाती है। आसपास साफ-सफाई भी कर लेती है। थोड़ा समय बिस्तर से उठ कर घूम भी लेती है।
परिवार में चौथी पीढ़ी समेत 12 सदस्य
शतायु धर्मो का संयुक्त परिवार है। इसमें उसकी चौथी पीढ़ी समेत 12 सदस्य हैं। उनके तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। बेटी मूर्ति देवी, संतोष देवी व विद्या देवी की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा महावीर सिंह व छोटा राजित सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। जबकि मंझला जयबीर सेना की आर्म्ड फोर्स से सेवानिवृत्त है। महावीर के बेटे अजीत को दो बेटियां चार वर्षीय आशू व तीन वर्षीय अंतिम है। जयवीर का एक बेटा मंजीत व रजित के दो बेटे सुनील सिंह व सचिन सिंह हैं। सचिन हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है। शेष खेतीबाड़ी करते हैं।
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