झज्जर। लिंगानुपात के मामले में स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा अप्रैल माह की जारी की गई रैंकिंग में झज्जर जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा है जबकि अप्रैल माह में मार्च के मुकाबले दस बेटियां कम पैदा हुई। अप्रैल माह में 954 लड़कियां पैदा हुई हैं जबकि मार्च में यह आंकड़ा 964 था। जिले की रैंकिंग प्रदेश में तीसरे नंबर पर रही।
प्रदेश में लिंगानुपात की स्थिति में अंतिम जिलों की श्रेणी में रहने वाला झज्जर जिला अब अग्रणी श्रेणी में आ गया है। दो माह से जिला लगातार प्रदेश में तीसरे नंबर पर बना हुआ है। जनवरी माह में प्रदेश में 13वें स्थान पर रहने वाले जिले ने मार्च में भी तीसरा स्थान हासिल किया था और इस बार अप्रैल माह में भी प्रदेश में लिंगानुपात में तीसरा स्थान पाया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अप्रैल की जारी की गई रिपोर्ट में एक हजार लड़कों के पीछे 954 लड़कियां दिखाई है। जिले में अप्रैल माह में 1669 लड़के और 1592 लड़कियों ने जन्म लिया है।मार्च माह में झज्जर जिले में 2532 बच्चे पैदा हुए थे, जिसमें 1289 लड़के और 1243 लड़कियां थी। फरवरी माह में जिले में कुल 1775 बच्चे पैदा हुए। इसमें लड़कों की संख्या 894 है और लड़कियों की संख्या 881 रही। जनवरी में लिंगानुपात की स्थिति 915 रही जबकि 2023 में यह आंकड़ा 905 था।
इस साल दो स्थानों पर डाले छापे
स्वास्थ्य विभाग ने उप सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र डोगरा, डाॅ. संदीप के नेतृत्व में इस साल 2024 में भी अब तक दो रेड की गई है। इसमें एक दिल्ली और एक बहादुरगढ़ में की गई है। इसके अलावा 2023 में 13 रेड की गई थी।
जिले के लिंगानुपात की स्थिति
माह लिंगानुपात
जनवरी-915
फरवरी-894
मार्च-964
अप्रैल-954