रोहतक। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ की रविवार को सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में राज्यस्तरीय बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय नेताओं ने पूरे देश के ट्रांसपोर्ट मजदूरों के हालात पर गंभीर चिंता जताई। नेताओं ने अनुरोध किया कि केंद्र सरकार ट्रांसपोर्ट के मजदूरों के नेताओं से बातचीत करें। अन्यथा ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट फेडरेशन 9 जनवरी को विजयवाड़ा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में आंदोलन करने पर मजबूर होगी। मार्च में दिल्ली संसद चलो का अभियान चलाया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों व निजीकरण नहीं करने के बारे में सरकार अपनी नीति स्पष्ट करें, सभी मानी गई मांगों को लागू करने के बारे में नया मांग पत्र बनाकर सरकार को भेजा गया है। यहां यूनियन सदस्यता अभियान 31 दिसंबर तक चलाने का निर्णय लिया गया। आगामी दिनों सभी डिपो में कार्यकारिणी बैठक की जाएगी।
राज्य प्रधान ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से रोडवेज कर्मचारी उम्मीद करते हैं कि हैं कि कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों को वापस कर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन रजि. नं 1 से बातचीत के माध्यम से सभी मांगों का निपटारा करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी बैठक बुलाकर आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
प्राइवेट बसों को रूट परमिट देने की नीति को वापस करें
जनता व कर्मचारियों की मांग के विपरित सरकार 362 रूटों पर 3658 प्राइवेट बसों को रूट परमिट देकर विभाग को बर्बाद करने नीति को वापस करें। कर्मचारी जनता व ग्राम पंचायतें व छात्र-छात्राओं की ओर से ग्रामीण एरिया में सरकारी बसें चलाने की मांग की जा रही है। प्राइवेट रूट परमिट देने की बजाय बढ़ती आबादी अनुसार विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल की जाएं, ताकि जनता को बेहतर व सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के अलावा 60 हजार बेरोजगारों को स्थाई रोजगार मिल सके।
यह हैं मांग
लिपिक, चालक, परिचालक व अन्य कर्मचारियों के वेतनमान संशोधन करने, कौशल रोजगार निगम भंग कर सभी कर्मचारियों को पक्का करने, विभाग में खाली पदों पर पक्की भर्ती खाली पदों पर प्रमोशन करने, अर्जित अवकाश में कटौती को रोक कर दोबारा पुरानी छुट्टी लागू की जाए, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, जोखिम भत्ता देने, तकनीकी कर्मियों को तकनीकी वेतनमान देने, बकाया बोनस देने व सभी सरकारी बसों के चेसिस पर बॉडी बनवाने का काम एचआरसी गुड़गांव में कराया जाए आदि है।
बैठक में इन्होंने में भी रखी बात
उपप्रधान शिवकुमार श्योराण, कोषाध्यक्ष सुशील ईक्कस, उपाध्यक्ष जयकुंवार दहिया, उप महासचिव पवन शर्मा, विक्रम गुणा, ऑडिटर वीरेंद्र, चंद्रभान संगठन सचिव सुबेसिंह धनाना, कार्यालय सचिव सतबीर मुंढाल, जयबीर तालू, कृष्ण गुलियाणा आदि नेताओं ने बैठक में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की।