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मंगल टीके का दूसरा दिन : प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में ही 300 लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 63 ने कराया टीकाकरण

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पीजीआई में सोमवार को कोरोना वैक्सीन की डोज लगवाने के बाद वीसी प्रो ओपी कालरा रजिस्ट्रार निदेशक स? - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। कोराना संक्रमण से बचने के लिए शुरू किए गए कोविशिल्ड वैक्सीन के टीकाकरण अभियान के दूसरे दिन जिले में पांच स्थानों पर टीकाकरण किया गया। इसके लिए 500 स्वास्थ्यकर्मियों को मोबाइल पर संदेश भेजे गए। लेकिन 122 लोग ही टीका लगवाने पहुंचे। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में तीन स्थानों पर टीकाकरण के लिए शिविर लगा। जिसमें तीन सौ कर्मियों को टीका लगना था, लेकिन सिर्फ 63 कर्मियों ने ही टीकाकरण कराया।
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पीजीआई में पहले दिन सुश्रुत आडिटोरियम में तीन स्थानों पर टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने इस अभियान की शुरुआत की। सेंटर एक पर डॉ. वीके कत्याल, सेंटर दो पर कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरबी जैन व सेंटर तीन पर पीजीआई की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया को पहला टीका लगाया गया। जहां 63 लोगों ने टीकाकरण कराया। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल व गोकर्ण धाम पर टीकाकरण अभियान चलाया। दोनों स्थानों पर 59 लोगों ने टीका लगवाया। जिले में कुल पांच जगह चलाए गए इस अभियान के तहत 122 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जबकि पांचों सेंटरों पर 500 लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए मोबाइल पर संदेश भेजे गए थे।
पीजीआईएमएस कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरबी जैन ने बताया कि पीजीआई के तीनों केंद्रों पर सौ-सौ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन यहां 63 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। इस कम रहे लक्ष्य को आने वाले दिनों में पूरा किया जाएगा। टीकाकरण का सारा सिस्टम अपडेट है। कर्मियों को एसएमएस के जरिए सूचना दी जा रही है। इसमें टीकाकरण का दिन, स्थान, समय सभी जरूरी बातों के साथ आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है। टीकाकरण के बाद भी एसएमएस भेजा जा रहा है। इसमें टीका लगाने वाले का नाम, मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी दी गई है। सोमवार को डॉ. पुष्पा दहिया, डॉ. वीके कत्याल, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. रूप सिंह, डॉ. लव शर्मा, डॉ. अशोक राठी, डॉ. सुधीर अत्री, डॉ. आशीष देवगन के अलावपा पीजी डॉक्टरों ने भी टीके लगवाए।
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सौभाग्यशाली हैं जिन्हें शुरुआत में टीका लग रहा : डॉ कालरा
पीजीआईएमएस के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कहा कि शुरूआत में जिन्हें टीका लग रहा है, वे सौभाग्यशाली हैं। जिनका जल्दी नंबर आ गया है वे जल्द ही इस बीमारी से अपना बचाव करने में सक्षम हो जाएंगे। इस वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। अब हफ्ते में चार दिन यह वैक्सीन लगाई जाएगी। संस्था के सभी नौ हजार कर्मचारी इस वैक्सीन को लगवाकर खुद को इस बीमारी से सुरक्षित करें। संस्थान के निदेशक डॉ. रोहताश यादव, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया समेत अस्पताल के सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ पिछले एक साल से काफी मेहनत से अपना कार्य कर रहे हैं। हमारे लिए यह खुशी की बात है कि हमारे सभी स्वास्थ्य कर्मियों को यहां पर वैक्सीन लगाया जाएगा। कुलपति ने सभी से बढ़-चढ़कर इस टीकाकरण में हिस्सा लेने का आग्रह किया।
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कोवैक्सीन के रिसर्च सेंटर पीजीआई का स्टाफ ही टीकाकरण को जागरुक नहीं
पीजीआईएमएस में कोवैक्सीन का रिसर्च हुआ है। इस संस्थान के अधिकांश डॉक्टर और कर्मचारी कोरोना संक्रमण को झेल चुके हैं। इसके बाद भी यहां पहली बार हुए कोविशिल्ड वैक्सीन के टीकाकरण में डॉक्टर और कर्मियों ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। संस्थान के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरबी जैन का कहना था कि तीनों सेंटरों पर टीकाकरण के लिए 300 कर्मियों को एसएमएस भेजे गए थे। लेकिन इसके सापेक्ष यहां 63 लोग ही टीकाकरण को आगे आए। इनमें भी स्थान के कई विभागाध्यक्षों ने पहले टीकाकरण कराके अपने कर्मियों को जागरुक करने की भी कोशिश की।
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टीकाकरण कराने वाले पूरी तरह स्वस्थ
कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को 36 घंटे बाद भी कोई दिक्कत पेश नहीं आई। शनिवार को अभियान के पहले दिन टीका लगवाने वालों में शामिल डॉक्टर, कर्मचारियों से बात कर अनुभव के बारे पूछा तो बोले- हम तंदुरुस्त हैं, हमें कोई तकलीफ नहीं हुई। डर के आगे जीत है। कोरोना से एक साल तक जूझे हैं, अब वैक्सीनेशन के बाद ज्यादा खुश हैं क्योंकि जल्द ही महामारी से मुक्ति मिलेगी।
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