रोहतक। प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन पूरे एक्शन मोड में आ गया है। वीरवार को निगम टीम ने करोड़ों रुपये के बकायेदार बिल्डर के कार्यालय को सील कर दिया। वहीं, बकायेदार दो अन्य बिल्डर्स ने एक सप्ताह में टैक्स जमा करने का भरोसा दिया है। इस वजह से उन्हें अंतिम मौका देते हुए टीम लौट गई।
नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में बिल्डर्स, व्यावसायिक भवनों, सरकारी कार्यालयों आदि पर करोड़ों रुपये बकाया है। बकाया टैक्स जमा नहीं होने की वजह से निगम की आर्थिक हालत कमजोर होती जा रही है। इस वजह से निगम विकास कार्य रफ्तार से नहीं करा पा रहा है। इसके मद्देनजर निगम प्रशासन बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए पूरी तरह से सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार हो गया है। विगत दिनों शासन के निर्देश पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बकायेदारों की सख्ती से सीलिंग कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस पर उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने सीलिंग कार्रवाई के लिए संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मुहैया करवाया।
वीरवार को निगम के जोनल टैक्स अधिकारी-एक अशोक कुमार और जोनल टैक्स अधिकारी-दो अंकित गुलिया पुलिस फोर्स को लेकर सीधे बिल्डर के कार्यालय पहुंचे। टैक्स जमा न होने पर उनका कार्यालय सील कर दिया गया। इसके बाद टीम करोड़ों के बकायेदार दो अन्य बिल्डर के कार्यालय पहुंची, जहां मौजूद बिल्डर्स के अधिकारियों ने एक सप्ताह के अंदर टैक्स जमा कराने का भरोसा दिया। इसके बाद टीम लौट गई।
जोनल टैक्स अधिकारी अंकित गुलिया ने बताया कि बिल्डर ने दस साल से ज्यादा समय से टैक्स जमा नहीं कराया है, जिसकी वजह से इन पर कई करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। कमोबेश यही स्थिति दो अन्य बिल्डर की भी है।