गद्दीखेड़ी में करंट से लाइनमैन की मौत के 48 घंटे बाद भी एसडीओ और एक्सईएन स्पष्ट नहीं बता रहे कि वह ट्रांसफार्मर सही करने गया था या किसी शिकायत को निस्तारित करने। उनका कहना है जांच करके पता लगा रहे हैं। वहीं, अधीक्षण अभियंता का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बिना परमिट ही वह काम करने गए थे। अचानक बिजली आने से हादसा हुआ है।
शनिवार को गद्दीखेड़ी गांव में लगे ट्रांसफार्मर पर काम करने के लिए डीसी रेट का लाइनमैन कर्मवीर, बिजली निगम का लाइनमैन प्रवीन, प्रमोद व दो अन्य कर्मी शनिवार को गए थे। शाम करीब साढ़े चार बजे करंट लगने से कर्मबीर की मौत हो गई। प्रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे भर्ती कराया गया। वहीं हादसे के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एसडीओ मनिता धनखड़ और एक्सईएन भूपेंद्र सिंह हादसे की वजह को लेकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। दोनों अधिकारियों का कहना है कि जांच करके पता लगाया जा रहा है कि वह ट्रांसफार्मर बदलने गए थे या सही करने या किसी की शिकायत का निस्तारण करने। जब जांच पूरी होगी तभी कुछ स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं, अधीक्षण अभियंता एसके बंसल का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बिजली कर्मी बिना परमिट लिए ही काम करने गए थे। ग्रामीण इलाका होने की वजह से बिजली की सप्लाई बंद थी, जिसके बारे में जानकारी होने की वजह से परमिट नहीं लिया गया। अचानक बिजली सप्लाई शुरू हो गई जिससे हादसा हो गया।
मृतक के साथ गए बिजली कर्मियों पर गाज गिरना तय
रोहतक। सेफ्टी किट इस्तेमाल नहीं करने की वजह से मृतक के साथ गए कर्मियों पर गाज गिरना तय है। अधीक्षण अभियंता एसके बंसल का कहना है कि लगातार हिदायतें दी जा रही हैं कि टेक्निकल स्टाफ काम करते समय सेफ्टी किट इस्तेमाल करेगा। यदि कोई सेफ्टी किट इस्तेमाल नहीं करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक कर्मवीर डीसी रेट का लाइनमैन था, जबकि उसके साथ गए कर्मी बिजली निगम के थे। इन लोगों ने काम करते समय सेफ्टी किट नहीं पहनी, जिसकी वजह से हादसे में कर्मवीर की मौत हुई। जांच में पता चला है कि साथ में गए अन्य कर्मियों ने भी सेफ्टी किट का इस्तेमाल नहीं किया था। इसलिए तय किया गया है कि जांच रिपोर्ट में नाम आने ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, बख्शा किसी को भी नहीं जाएगा।