फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से खुलेंगे स्कूल, अभिभावक बच्चों को भेजने के लिए तैयार नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 में बंद हुए स्कूल एक फरवरी 2021 से फिर खुल रहे हैं। कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों की महामारी से सुरक्षा को लेकर एसओपी नियमों को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आनलाइन पढ़ाई से उब चुके विद्यार्थियों को फिर से ऑफलाइन पढ़ाई का अवसर मिलेगा। हालांकि, अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। इसकी बड़ी वजह महामारी पर काबू पाने वाली वैक्सीन का आम आदमी की पहुंच से दूर होना है।
विज्ञापन

शहर के सेक्टर एक निवासी दीपा गोस्वामी ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी दूर नहीं हुआ है। महामारी से बचाने वाली वैक्सीन अभी बाजार में नहीं आई है। यह वैक्सीन आम आदमी की पहुंच से दूर है। ऐसे में अपने बच्चों को अभी स्कूल नहीं भेजेंगे। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के जरिये ज्यादातर सिलेबस पूरा हो चुका है। परीक्षा अभी नहीं हो रही है। इसलिए बच्चों को स्कूल भेजने का मतलब समझ से परे है। बच्चें की सुरक्षा के लिए फिलहाल उन्हें घर पर ही रखेंगे। यह अकेली अभिभावक नहीं है, जिसने बच्चों को सोमवार से स्कूल भेजने से गुरेज किया है। ऐसे और भी अभिभावक हैं, जिन्होंने अभी बच्चों को स्कूल नहीं भेजने से परहेज बरता है। अभिभावक मंच ने भी वैक्सीन की आम आदमी तक पहुंच से पहले स्कूल नहीं खोलने का पक्ष लिया है।
इंटरनेट ने रोकी पढ़ाई
स्नातकोत्तर की पढ़ाई चल रही है। कोरोना के चलते सारी पढ़ाई ऑनलाइन ही आधारित है। किसान आंदोलन के चलते इंटरनेट सेवा बंद पड़ी है। इस कारण पढ़ाई भी नहीं हो रही है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इंटरनेट कब चालू होगा।
विज्ञापन

-अवंतिका, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रोहतक।
कोरोना के कारण घर रह कर आनलाइन तरीके से पढ़ाई की जा रही है। किसान आंदोलन के कारण सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है। इस कारण अब ऑनलाइन पढ़ाई भी संभव नहीं हो पा रही है। इंटरनेट सेवा कब तक शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
विज्ञापन

-अजय गोस्वामी, सेक्टर एक, रोहतक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें