रोहतक। पीजीआईएमएस को जल्द ही पांच करोड़ की सीटी स्कैन मशीन व 60 लाख रुपये की आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन मिलेगी। इससे प्रदेश भर से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। लगभग छह करोड़ की लागत से आने वाली दोनों मशीनों से संस्थान के रेडियोलॉजी विभाग की क्षमता और बढ़ जाएगी। संस्थान में प्रतिदिन दस हजार के करीब मरीजों का उपचार होता है। इसमें सामान्य ओपीडी, आपातकालीन विभाग, ट्रॉमा सेंटर के अलावा वार्डों में मरीज स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। ओपीडी की बात करें तो यहां महिला रोग विभाग में सबसे अधिक भीड़ होती है। यहां ओपीडी में एक अल्ट्रासाउंड की मशीन कार्य कर रही है, जोकि मरीजों की संख्या के अनुपात में कम है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां 60 लाख रुपये की एक और अल्ट्रासाउंड मशीन रखी जाएगी। इससे महिला मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए पैदल रेडियोलॉजी विभाग तक नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि रेडियोलॉजी विभाग में 11 अल्ट्रासाउंड की मशीन कार्यरत हैं, इनके जिम्मे सभी मरीजों की जांच करना है। वहीं रेडियोलॉजी विभाग के लिए 128 स्लाइस का सीटी स्कैन और लाने की तैयारी है। इसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये होगी। इसकी खरीदारी के लिए एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में अंतिम मुहर लगना शेष है। इसकी मंजूरी मिलते ही इसकी खरीद के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। इससे मरीजों को सीटी स्कैन की जांच करवाने में कोई समस्या नहीं होगी और बगैर देरी के जांच हो पाएगी।
कोरोना में बढ़ी है जिम्मेदारी
कोरोना संक्रमण काल में संस्थान के अंदर कोविड अस्पताल बनाए जाने पर जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई। नई सीटी स्कैन मशीन आने से कोरोना व सामान्य मरीजों को लाभ मिलेगा।
पीजीआईएमएस मरीजों के लिए नई अल्ट्रासाउंड मशीन व सीटी स्कैन मशीन लाने जा रहा है। दोनों मशीनें अत्याधुनिक होंगी और इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। इससे डॉक्टरों को भी मरीजों का उपचार करने में आसानी होगी।
-डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस