महम। भैणी चंद्रपाल के सरपंच शिवराज अपने निलंबन मामले में आयुक्त दरबार में न्याय की गुहार लगाएंगे। उपायुक्त धर्मेंद्र के निर्देश पर निलंबित सरपंच का आरोप है कि उनके पक्ष को अनसुना किया गया है, इसलिए आयुक्त कार्यालय में याचिका दायर की जाएगी।
सरपंच का कहना है कि चुनाव के समय उनकी ओर उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम का बकाया था। सरकार के नियमानुसार मिलने वाली छूट के बाद बची हुई रकम बिजली निगम को अदा कर एनओसी ली गई थी। न तो एनओसी फर्जी थी और न ही नियमों के खिलाफ। इसके बावजूद निलंबन का निर्देश देना अपने आप में सवाल खड़े करता है।
सरपंच से चार्ज लेकर बहुमत वाले पंच को देने के आदेश
उपायुक्त ने भैणी चंद्रपाल के सरपंच शिवराज को बिजली बिल अदा किए बगैर चुनाव लड़ने के आरोप के चलते निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पिछले तीन साल से चल रही शिकायत के आधार पर की गई है।
मामला सरपंच चुनाव से पहले के बिजली बिल भुगतान से जुड़ा है। शिवराज सिंह पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने से पहले अपना पुराना बिजली बिल पूरा नहीं भरा। एक लाख रुपये के बिल में बिजली निगम की योजना के तहत केवल 67 हजार रुपये का भुगतान किया गया। उपायुक्त की ओर से दो बार जांच कराई गई। जांच के बाद सरपंच से चार्ज लेकर बहुमत वाले पंच को देने के आदेश दिए गए हैं। संवाद
फोटो 03 शिवराज।