13-रोहतक के सुपवा में सारंग महोत्सव के समापन सत्र में लोक गायिका मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति पर
रोहतक। सुपवा में आयोजित सारंग और भारत रंग महोत्सव (भारंगम) के अंतिम दिन वीरवार को कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच की विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। असम के शास्त्रीय नृत्य सत्रिया में भगवान कृष्ण की लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों ने भाव-भंगिमाओं और मुद्राओं से वैष्णव भक्ति परंपरा को जीवंत कर दिया।
शाम को भारंगम में श्रीलंका के अपूर्वा थिएटर ग्रुप ने सिंहली भाषा में नाटक कोलम्बा हाथे थोराना प्रस्तुत किया। प्रेम, विवाह और संघर्ष पर आधारित इस नाटक ने मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को संवेदनशील ढंग से उजागर किया।
कलाकारों के सशक्त अभिनय ने भाषा की बाधा को भी समाप्त कर दिया। महोत्सव ने सुपवा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कला मंच के रूप में नई पहचान दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी आयोजन के लिए शुभकामनाएं भेजीं।
कुलपति डॉ. अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने अतिथियों नरेंद्र ठाकुर, अनिल पांडे, संजय कुशवाहा, सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, अतुल गंगवार, मेघना मलिक, सुनील चितकारा, विक्रम कोचर, श्रीवर्धन त्रिवेदी को सम्मानित किया।
13-रोहतक के सुपवा में सारंग महोत्सव के समापन सत्र में लोक गायिका मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति पर