सांपला। नगरपालिका में सत्ता के संग्राम का इंतजार सोमवार को खत्म हो गया। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद से कस्बे में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आचार संहिता भी लागू हो गई है। सांपला की नई सरकार चुनने के लिए मतदाता भी तैयार हैं। यहां मतदान 10 मई को होगा।
नगरपालिका का कार्यकाल संपन्न होने से पहले ही उम्मीदवारों ने लोगों से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया था। अब डोर टू डोर अभियान छिड़ गया है। सोमवार को राज्य चुनाव आयोग की 10 मई को मतदान कराने की घोषणा ने चुनावी सरगर्मियाें को हवा देने का काम किया है। प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को फोन पर चुनाव की जानकारी देनी शुरू कर दी।
इस बार चुने जाने हैं चेयरमैन और 16 पार्षद
चुनाव आयोग के मुताबिक 27 दिन बाद मतदान होगा। इसके दो दिन बाद यानी 13 मई को वोटों की गिनती होगी। चुनाव के लिए मतदाता भी तैयार हैंं। इस बार चेयरमैन और 16 पार्षद चुने जाने हैं। चुनाव में 15,642 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। इसमें करीब 48 प्रतिशत महिला हैं।
पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ेगी भाजपा
सांपला कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में चेयरमैन पद एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। पूजा इंदौरा चेयरपर्सन बनीं तो उनके पति बिजेंद्र नंबरदार कुछ पार्षदों के साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास पहुंच गए। भाजपा को हार मिली थी। भाजपा इस बार भी चेयरमैन का चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी। पार्टी ने मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा व नगर निगम चेयरमैन राम अवतार वाल्मीकि को चुनाव प्रभारी लगाया है। कांग्रेस की इस चुनाव को लेकर कोई भागीदारी नजर नहीं आ रही है।