कलानौर। ठगी का एक और मामला सामने आया है। एक वाहन एजेंसी ने ग्राहक को एक ही बाइक दूसरी बार बेचकर दाे अलग-अलग ग्राहकों को चूना लगा दिया। ग्राहक ही नहीं ठग ने आयकर विभाग, रोहतक एसडीएम, इंश्योरेंस कंपनी के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में शंका होने पर शिकायतकर्ता सलमान ने आरटीआई से बाइक संबंधी की जानकारी मांगी।
इन दस्तावेजों में सामने आया कि बाइक की आरसी बनवाने के लिए फर्जी तरीके से इंश्योरेंस एडिट करके एसडीएम कार्यालय में जमा कराया गया है। वहीं, एक ही बाइक का दो बार बिल काटा गया है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता जोगिंदर चंदेला ने कहा कि कलानौर भिवानी चुंगी स्थित एजेंसी के मालिक ने एक बाइक 27 अक्तूबर 2022 को बेच थी। इसकी खरीद की रसीद, इंश्योरेंस के दस्तावेज तैयार कर दिए गए। यही बाइक शिकायतकर्ता सलमान को करीब आठ महीने बाद दोबारा से खरीद की रसीद के साथ इंश्योरेंस, आरसी के साथ जाॅब कार्ड पंजीकृत कर दिया। शिकायतकर्ता निगाना निवासी सलमान जब बाइक पहली बार सर्विस कराने एजेंसी पहुंचा तो सर्विस कंपनी ने बताया कि इस बाइक की फ्री तीन सर्विस पूरी हो चुकी है। यह सुनकर शिकायतकर्ता ने एजेंसी मालिक से संपर्क किया।
शिकायतकर्ता सलमान ने बताया कि एजेंसी मालिक की बातों से बाइक पहले बिक चुके होने का अंदेशा हुआ। इसके बाद अपनी बाइक के सारे कागजात निकलवाने शुरू किए। इसमें सामने आया कि बाइक पहले किसी मुकेश नामक ग्राहक को बेची गई थी। इसके नाम पर इंश्योरेंस व अन्य कागजात जारी किए गए हैं। आरटीआई के माध्यम से सभी विभागों से बाइक की जानकारी मांगी तो सामने आया कि बाइक की आरसी बनवाने के लिए फर्जी तरीके से इंश्योरेंस एडिट करके एसडीएम कार्यालय में जमा कराया गया है। वहीं, एक बाइक का दो बार बिल काटा गया है। फिलहाल शिकायतकर्ता सलमान ने सारी रिपोर्ट कलानौर थाना में शिकायत के साथ थाना प्रभारी रमेश कुमार को सौंप दी है।
वर्जन
सभी चीजें आनलाइन पोर्टल पर दर्ज हैं। एक बार वाहन का इंजन नंबर व चेसी नंबर दर्ज होने पर दोबारा दर्ज नहीं हो सकता। यदि फिर भी कोई लापरवाही हुई है तो शिकायतकर्ता के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कागजात की जांच करवाई जाएगी।
- राकेश कुमार, एसडीएम।
एजेंसी का स्टाफ संभालना है सारा काम
मैं एजेंसी कभी-कभी आता हूं। सारा काम एजेंसी का स्टाफ ही संभालता है। शिकायतकर्ता सलमान की बहन एजेंसी में काम करती थी। उसी ने इंसेंटिव के लालच में बाइक यह कहकर अपने भाई को दिलाई थी कि हमारे घर जानी है। कोई दिक्कत नहीं है। इसकी जानकारी प्राप्त हुई तो उस लड़की को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद सारी कहानी रची। एजेंसी, शिकायतकर्ता को नई बाइक देने को तैयार है।
- रवि वर्मा, संचालक, टीवीएस एजेंसी।