भाजपा गाय के नाम पर वोट मांग कर सत्ता में आई वह भी गाय को भूल गई। चुनाव के समय भाजपा का नारा रहा कि गाय को जीवनदान और भाजपा को मतदान। लेकिन सत्ता सुख में गौ माता को भूली है सरकार। यह बात संत गोपालदास ने कही। वे सोमवार को गौ रक्षा आंदोलन में मरे लोगों की अस्थियां लेकर गुजरात से हरिद्वार जा रहे थे।
जींद जाते समय लाखनमाजरा गांव में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ, जलवायु बचाओ के लिए पौधे लगाओ, भारत माता की जय बोलो आदि मसलों पर तो अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन गौ माता बचाओ पर कुछ नहीं बोलते। जबकि संघ और भाजपा के एजेंडे में गौ रक्षा भी है। संत गोपालदास ने कहा कि आने वाले 7 नवंबर को महम चौबीसी के चबूतरे से गौरक्षा के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा, जो सरकार के लिए आखिरी अल्टीमेटम होगा। इसके बाद सरकार की चूल हिला देंगे।
गौ रक्षा के लिए 13 अखाड़ों के संत करेंगे स्याही स्नान का विरोध
संत गोपालदास ने कहा कि 13 अखाड़ों के संतों ने खून से पत्र लिखकर पीएम मोदी को भेजा है। यदि गौ हत्या बंद नहीं करवाई तो स्याही स्नान का विरोध किया जाएगा। हरियाणा में तीन लाख चालीस हजार एकड़ से ज्यादा जमीन गौ चारण की है लेकिन सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
गौ मांस पर रूस और इजरायल में पाबंदी, भारत में क्यों नहीं?
संत गोपालदास ने कहा कि इजरायल और रूस में गौ हत्या पर पूर्ण पाबंदी है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। भारत में सबसे पहले यह कानून बनना चाहिए था। गौ मांस से आमदनी बढ़ाना और व्यापार करना यह सरकार के लिए शर्म की बात है। देश की संसद में बैठे संत सांसदों को गौ हत्या पर कानून बनवाना चाहिए वरना इस्तीफा दे देना चाहिए।