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पुराने नोट चलाने का दबाव बनाने का आरोप लगा रोडवेज कर्मियों ने स्टैंड इंचार्ज को पीटा

Mon, 05 Dec 2016 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पिट रहे स्टैंड इंचार्ज को बस अड्डा पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने किसी तरह बचाया - फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद करने के मामले सामने आते रहे हैं। पिछले दिनों दिल्ली में हरियाणा रोडवेज के एक कंडक्टर की मौत के बाद आरोप लगा था कि रोडवेज के अधिकारी बस कंडक्टरों पर दबाव डालकर पुराने नोटों को बदलवा रहे हैं। अब इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। इस बार बस कंडक्टर और स्टैंड इंचार्ज एक दूसरे पर पुराने नोट चलाने का आरोप लगा रहे हैं। बस चालकों और परिचालकों ने स्टैंड इंचार्ज पर ट्रांसफर करवाने की धमकी देकर जबरन नए नोट लेने और पुराने नोट देने का आरोप लगाया है। रोडवेज कर्मचारियों ने स्टैंड इंचार्ज की जमकर कुटाई भी की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह स्टैंड इंचार्ज को बचाया। रोडवेज कर्मियों ने स्टैंड इंचार्ज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
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वहीं, मामले में स्टैंड इंचार्ज का कहना है कि चालक और परिचालक नोटबंदी के बाद से पुराने नोटों को खपाने में लगे हैं। जब उसने रविवार सुबह एक परिचालक को पकड़ लिया और आला अधिकारियों को शिकायत करने की बात कही तो उसके साथ मारपीट की गई। उसका कहना है कि मेरे ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। अब कौन सही है और कौन गलत इसका पता तो जांच के बाद ही चलेगा।
गांव खिड़वाली निवासी मनोज रोहतक से पानीपत जाने वाली बस में बतौर परिचालक तैनात हैं। मनोज ने बताया कि वह तड़के करीब तीन बजे बस स्टैंड पर आए थे। इसके बाद कैश जमा कराने ब्रांच पहुंचे। इसी बीच बस स्टैंड का चार्ज संभाल रहे राजकुमार उर्फ बल्लू उनके पास आए। मनोज का आरोप है कि राजकुमार ने जबरन उनके बैग से नई करेंसी और फुटकर रुपये निकाल लिए और बदले में पुरानी करेंसी थमा दी। जब उन्होंने विरोध किया तो राजकुमार ने उसे ट्रांसफर करवाने की धमकी दी। इसके बाद मनोज ने पुरानी करेंसी कै श ब्रांच में जमा कर दी। आरोप है कि बाद में स्टैंड इंचार्ज ने मनोज के साथ गालीगलौज की। इस पर अन्य चालक व परिचालक मनोज के समर्थन में आ गये। इसके बाद चालकों और परिचालकों ने इकट्ठा होकर स्टैंड इंचार्ज को दबोच लिया और धुनाई शुरू कर दी। धुनाई करते हुए ही उसे नया बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी लेकर पहुंचे। पुलिस ने राजकुमार को किसी तरह से छुड़ाया। पुलिस ने स्टैंड इंचार्ज को चौकी में बैठा लिया। बाद में मनोज सहित अन्य चालकों और परिचालकों ने स्टैंड इंचार्ज के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।
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अंधेरे का फायदा उठाकर बाथरूम में फेंके पुराने नोट : मनोज
परिचालक मनोज का आरोप है कि जब स्टैंड इंचार्ज राजकुमार ने उनसे नई करेंसी ली तो उसके पास 500 के और भी पुराने नोट थे। पुलिस हिरासत में जाने के बाद वह बहाने से बाथरूम गया और अंधेरे का फायदा उठाकर नोट फेंक दिए। परिचालकों का आरोप है कि स्टैंड इंचार्ज परिचालकों को धमकी देकर सभी काउंटर से नोट बदलता है। मनोज ने बताया कि उन्होंने 12 हजार 631 रुपये कैश ब्रांच में जमा किए।

जब से नोटबंदी हुई तभी से सक्रिय है स्टैंड इंचार्ज
इंटक यूनियन के डिपो प्रधान रमेश गहलावत ने आरोप लगाया कि सरकार ने जब से 500 और 1000 के पुराने नोट अमान्य किये हैं स्टैंड इंचार्ज तभी से प्रतिबंधित नोटों को बदलने में सक्रिय है। इसके बारे में कई बार रोडवेज प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिसने भी स्टैंड इंचार्ज का विरोध किया उसका या तो ट्रांसफर हो गया या उसकी ड्यूटी बदल दी गई।

पद इलेक्ट्रिशियन का और बना दिया स्टैंड इंचार्ज
रोडवेज कर्मचारियों ने राजकुमार के पद को लेकर भी सवाल खड़े किये हैं। इंटक यूनियन के राम करण हुड्डा ने बताया कि राजकुमार का पद डिपो के कार्यशाला में इलेक्ट्रिशियन का है, लेकिन उसे स्टैंड इंचार्ज बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजकुमार की वजह से अधिकतर चालक और परिचालक परेशान हैं, लेकिन इनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

सभी आरोप मनगढ़ंत, मेरे खिलाफ साजिश : राजकुमार

मामले में स्टैंड इंचार्ज राजकुमार उर्फ बल्लू का कहना है कि उन पर लगाए गये सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। राजकुमार के अनुसार उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि सुबह जब मनोज कैश ब्रांच में रुपये जमा करने जा रहा था तो इंचार्ज होने के नाते मैंने उसका बैग चेक किया। उसमें सारे नोट पुराने और एक ही सीरियल नंबर के थे। उन्होंने उससे पूछा कि पुराने नोट कहां से आए तो मनोज ने बताया कि यात्रियों से मिले हैं। इस पर राजकुमार ने आपत्ति जताई कि यात्रियों ने एक ही सीरियल नंबर के नोट दिये हैं। यह कैसे हो सकता है? इसके बाद इस बात का सबूत रखने के लिए उन्होंने मनोज के बैग में रखे पुराने नोटोें की फोटो अपने मोबाइल के कैमरे से खींच ली। इसके बाद इसकी शिकायत रोडवेज जीएम से करने की बात कही। बल्लू ने बताया कि परिचालक इसी तरह अपने करीबियों के काले धन को सफेद करने में लगे थे। उन्होंने इसका खुलासा करना चाहा। राजकुमार ने बताया कि जब उन्होंने मोबाइल से फोटो खींच ली तो परिचालक ने उनके साथ हाथापाई शुरू  कर दी। किसी तरह वह भाग कर बाथरूम में घुस गया। लेकिन इसी बीच उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। इसके बाद चालक और परिचालक समेत यूनियन वाले एकत्रित हो गए और उसे पीटते पुलिस चौकी में लेकर आए। पुलिस कर्मियों ने उसे किसी तरह बचाया। राजकुमार ने बताया कि उनके पास करीब 29,850 रुपये थे। इनमें एक हजार रुपये का पुराना नोट भी शामिल था। इन रुपयों में से दस हजार रुपये चेक के माध्यम से बैंक से निकाले थे। 15 हजार रुपये भाई ने दिये थे। 850 रुपये वह मेडिकल स्टोर वाले से लेकर आया था। शेष रकम उनके पास पहले से थी। राजकुमार ने आरोप लगाया कि बस चालकों और परिचालकों की मिलीभगत से काले धन को सफेद करने का मामला पहले से चल रहा था। राजकुमार का कहना है कि परिचालकों ने उनको धमकी दी है कि इस बार तेरा काम हो गया अब एक और आदमी का काम करना है। उसे भी जल्दी देख लेंगे।

रोडवेज यूनियन ने डीसी और परिवहन विभाग के निदेशक के नाम लिखा पत्र
मारपीट मामले में इंटक यूनियन के पदाधिकारियों ने कार्यालय में बैठक की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त के नाम पत्र लिखा और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि स्टैंड इंचार्ज के ऊपर लगे आरोपों की जांच विजिलेंस से जांच कराई जाए। पदाधिकारियों ने परिवहन विभाग के निदेशक को भी पत्र लिखा है। इस मौके पर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान रमेश, उप प्रधान सुमेश गढ़ी, सचिव राम करण, भारतीय मजदूर संघ के प्रधान राजेश, कृष्ण सुहाग, महावीर मलिक, जितेंद्र लाकड़ा और मास्टर राजवीर मौजूद रहे।
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ठीक तरीके से मामला संज्ञान में नहीं
अवकाश पर हूं। ठीक तरीके से मामला संज्ञान में नहीं है। जहां तक इलेक्ट्रिशियन को स्टैंड इंचार्ज बनाने का सवाल है, तो मेरे से पहले के जीएम ने उन्हें नियुक्त किया है। मामले को ठीक तरीके से जाने बगैर इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
- राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोहतक डिपो

जीएम को भेजी रिपोर्ट, प्रति उत्तर आने के बाद ही करेंगे कार्रवाई
रोडवेज में डिपो के महाप्रबंधक को इस पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी है। अब वे अपने स्तर से जांच करेंगे। रिपोर्ट का जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आयकर विभाग के अधिकारियों को भी मामले के बारे में सूचित कर दिया गया है। पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
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जय भगवान, एएसआई, चौकी इंचार्ज, नया बस स्टैंड।
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