फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: रोजी खनेजा की बगिया में हरियाली का बसेरा, 120 से अधिक पौधे

विज्ञापन
01-बगिया में लगाए पौधों में पानी देती मानसरोवर काॅलोनी निवासी रोजी खनेजा। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। छोटे-छोटे कदम उठाकर एक जीवंत और हरी-भरी बगिया तैयार की जा सकती है। मानसरोवर कॉलोनी निवासी रोजी खनेजा ने ऐसी ही बगिया तैयार की है जिसमें हरियाली का बसेरा है। 28 साल पहले आंगन में बनाई बगिया में अब विभिन्न प्रकार के 120 से अधिक पेड़-पौधे हैं।
विज्ञापन

अपनी बगिया को हरियाली से सराबोर करने के लिए वे उसमें रोजाना दोनों समय पानी देती हैं और तेज धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट का प्रयोग भी करती हैं। बगिया में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।

एमए, बीएड पास रोजी बताती हैं कि 28 साल पहले उनकी शादी मानसरोवर कॉलोनी निवासी पंकज खनेजा से हुई थी। उस समय आंगन में बगिया बनाई जिसमें अब बहुत ज्यादा पेड़ पौधे लगे हुए हैं। पौधे से लगाव उनको स्कूल टाइम से ही है।
विज्ञापन

शादी के बाद बगिया में उन्हें पौधे लगाकर हरा-भरा बनाने का अवसर मिला। इस कार्य में ससुराल वालों ने भी उनका सहयोग किया। वह पौधों में गोबर की खाद का इस्तेमाल करती हैं और पानी भी खुद देती हैं।
-

बगिया में इन प्रजातियों के पौधे

उनकी बगिया में गेट से लेकर आंगन व छत तक भी अनेक पौधे हैं जिनमें मोतिया, गुलाब, गेंदा, चमेली, सदाबहार, लिली, अश्वगंधा, मनी प्लांट, आंवला, पाम, जेड प्लांट, केला, कढ़ी पत्ता, एलोवेरा, तुलसी, पुदीना, मरुवा, पालक, टमाटर, बैंगन के अलावा बेल वाले भी अनेक पौधे लगाए हुए हैं। बगिया में लगाई गईं सब्जियों आदि का प्रयोग वे घर पर करती हैं।



आंवले और गुलाब के पौधे यादगार

उनके ससुर ताराचंद खनेजा ने करीब 20 साल पहले आंवले व गुलाब के पौधे लगाए थे। आंवले का अब पेड़ बन गया है जबकि गुलाब का पौधा भी काफी बड़ा हो गया है। ये दोनों पौधे उनकी याद दिलाते हैं जिन्हें देखकर लगता है उनका आशीर्वाद इन पौधों के रूप में हमारे साथ है।
विज्ञापन


-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें