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Rohtak News: बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में छाई रोहतक की बेटी सोनाली

Mon, 26 Feb 2024 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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बाल कलाकार सोनाली । संवाद
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रोहतक। हुनर खुद में एक करिश्मा है। यह किसी का मोहताज नहीं होता। यह प्रतिबिंब से ही नजर आ जाता है। किशनपुरा की 10 वर्षीय बेटी सोनाली भी कुछ इस तरह का हुनर रखती है। फिल्म इन द बेली ऑफ ए टाइगर के काॅस्टिंग डायरेक्टर ने इस हुनर को पहचाना और मूवी में हीरो की बड़ी बेटी का रोल निभाने के लिए चुना। यह फिल्म भारत समेत दुनिया के पांच देश ताइवान, चीन, अमेरिका व इंडोनेशिया में रिलीज हो चुकी है। अब यह जर्मनी के बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024 में दिखाई जा रही है।
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कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाली 10 वर्षीय सोनाली ने बताया कि माता-पिता मजदूरी करते हैं। अभिनव टोली में पिछले चार साल से अभिनय सीख रही हूं। हीरो की बड़ी बेटी का किरदार अच्छे से निभाया। आज मां-पिता सभी खुश हैं। मुझे नाटक, चित्रकारी भी पसंद है। मैं एक्टिंग का मतलब जानने से पहले से ही अभिनय कर रही हूं। मेरे हुनर को अभिनव टोली के फाउंडर जगदीप जुगनू ने पहचाना और अभिनय सिखाया। करीब 20 से ज्यादा थिएटर प्ले किए हैं। इसमें ज्यादातर नुक्कड़ नाटक हैं।
इन द बेली ऑफ ए टाइगर को विश्व के पांच सबसे बड़े और यूरोप के तीन सबसे बड़े फिल्म समारोह में स्थान मिला है। मूवी के निर्देशक दक्षिण भारत के फिल्मों के डायरेक्टर सिद्धार्थ जाटला हैं। इस फिल्म को जर्मनी में 18 से 23 फरवरी 2024 से प्रदर्शित किया गया। वहीं मूवी के अभिनेता एकता कॉलोनी निवासी सौरभ जयसवार हैं, जिन्होंने राज्य फिल्म व टेलीविजन संस्थान रोहतक से फिल्म अभिनय में डिग्री ली है। वर्तमान में वह मुंबई और हरियाणा में फिल्म अभिनेता के रूप में कार्यरत हैं।
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बेबाक देसी आवाज के बलबूते हुआ चयन काॅस्टिंग डायरेक्टर शमशेर सिंह सैम ने बताया कि बच्ची प्रतिभावान है। सोनाली का चयन उसकी बेबाक देसी आवाज पर किया गया था। ऑडिशन में 50 से ज्यादा बच्चे थे, लेकिन सोनाली की एक्टिंग सबसे अलग उभरकर आई। मूवी की शूटिंग पीलीभीत के जंगल में हुई है। पहले 15 दिन वर्कशॉप हुई, इसके बाद सीन शूट किए गए। पूरे एक महीने तक शूटिंग चली। सोनाली ने कैमरे के सामने पहली बार अभिनय किया था।
जगदीप जुगनू ने बताया कि संस्था को पिछले 9 साल से चला रहा हूं। इस संस्था के बच्चे करीब 50 फिल्मों में काम कर चुके हैं। डीएलसी सुपवा में जब भी मूवी बनती है तो काॅस्टिंग के लिए अभिनव टोली का ही रुख किया जाता है। संस्था में प्रतिभा को परखकर उसे आगे बढ़ाने के लिए मंच प्रदान किया जाता है।
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