17... मीनाक्षी।
रोहतक। वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन करके रोहतक की मीनाक्षी ने रजत पदक जीता। यह स्पर्धा कजाकिस्तान में 30 जून से 7 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। वहीं महम की संजू ने कांस्य पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों की जीत से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। कोच विजय हुड्डा ने विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने आगे भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
मीनाक्षी ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने बॉक्सिंग के ग्लव्स पहने, तो लोगों ने उसके परिवार पर तानों की बौछार कर दी। लड़की होकर बॉक्सिंग खेलेगी, चोट लग जाएगी, शादी कौन करेगा जैसे सवाल उनके कानों में गूंजते रहे। यहां तक कि परिवार वाले भी थोड़ा डरते थे कि लड़कियों के लिए बाहर माहौल भी अच्छा नहीं है लेकिन मीनाक्षी के हौसले में कोई कमी नहीं आई।
अब अच्छा प्रदर्शन करके मेडल आने लग तो लोगों ने ताने मारने छोड़ दिए। उन्होंने बताया कि पिता कृष्ण ऑटो चलाते हैं। मां सुनीता गृहिणी और चार भाई बहन हैं। भाई रोहित पढ़ता है और दो बहनों की शादी हो चुकी है।
-2013 में शुरू की मुक्केबाजी
उन्होंने बताया कि शुरू से घर के आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वर्ष 2013 में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया। गांव के लड़के और लड़कियां बॉक्सिंग खेलती थी। उनको देखकर प्रेरणा मिली और खेलना शुरू किया। वर्ष 2017 में जूनियर नेशनल प्रतियोगिता जीती। 2019 में यूथ नेशनल प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। 2021 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2022 में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। 2022 नेशनल गेम्स में स्वण पदक जीता। 2024 में ब्रिक्स गेम्स व एलोर्डा कप में स्वर्ण पदक जीता।
मेरी कॉम से मिली प्रेरणा
खिलाड़ी संजू ने बताया कि 2017 में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2022 ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में रजत, 2023 नेशनल गेम्स में कांस्य, 2024 में आरईसी गेम्स में स्वर्ण 2025 में ओपन इंटरनेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 2016 में खेलना शुरू किया। ओलंपिक में बॉक्सर मेरी कॉम के पदक जीतने के बाद मुझे भी प्रेरणा मिली। इसके बाद कोच विनोद के पास अभ्यास करना शुरू किया। महम की रहने वाली संजू असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल हैं।
17... मीनाक्षी।