राेहतक। प्रदूषण के बढ़ते खतरे व ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी लोग सचेत नहीं हुए। यही वजह है कि लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। एक्यूआई रविवार सुबह सात बजे अधिकतम 480 पहुंच गया। इसका न्यूनतम स्तर 270 रहा। शाम 7 बजे एक्यूआई 434 दर्ज किया गया। आंकड़ों के हिसाब से रोहतक देश के प्रदूषित शहरों की सूची में चौथे स्थान पर रहा। स्मॉग की चादर छाए रहने के चलते दिनभर औसत एक्यूआई 300 से ऊपर बना रहा। जिले में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, कहीं निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी हैं। धुंआ छोड़ते वाहन भी बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
रविवार को सुबह से ही स्माॅग छाया रहा। नमी व धूल कणों के मिश्रण से बने स्मॉग के कारण दृश्यता करीब 20 मीटर रही। सड़कों पर चालकों को अपने वाहनों की हेड लाइट ऑन कर चलना पड़ा। स्मॉग से आंखों में जलन की समस्या रही। सांसों में तकलीफ के कारण भी मरीज अस्पताल पहुंचे। आंखों में जलन के चलते अस्पतालों के नेत्र रोगियों की भीड़ आपातकालीन विभाग में बनी रही।
जिले में ग्रैप-3 हो चुका है लागू
प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने जिले में ग्रैप-3 के नियम लागू किए हैं। इसके तहत कूड़ा जलाने, निर्माण कार्य करने, धुंआ छोड़ने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद न तो कूड़ा जलना बंद हुआ है न ही निर्माण कार्य। धुआं छोड़ते वाहन व जनरेटरों का प्रयोग भी पूरी तरह बंद नहीं है। सरकारी निर्देशाें के बावजूद ये लगातार काम कर रहे हैं। इससे हवा और जहरीली होने लगी है। एक्यूआई सुबह से ही 300 पार बना हुआ है। एक्यूआई अधिकतम 480 पहुंच गया था। शाम को 434 दर्ज किया गया।