राजस्थान में बढ़ रहे कोरोना के मामले।
- फोटो : सोशल मीडिया
ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट एक्सबीबी 1.16 मई के दूसरे सप्ताह तक लोगों को अपनी चौथी लहर की चपेट में ला सकती है। हर दिन संक्रमितों का आंकड़ा दहाई की संख्या को पार कर रहा है। यदि लोग जागरूक नहीं हुए और सामाजिक दूरी व मास्क के नियमों का पालन नहीं किया तो और जल्दी चौथी लहर पीक पर आ सकती है। पीजीआईएमएस में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं कोवैक्सीन रिसर्च के सदस्य डॉ. रमेश वर्मा ने यह दावा किया है।
दूसरे सप्ताह तक अपना असर दिखाएगा कोरोना
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी। हम प्रयास कर सकते हैं कि संक्रमण एक साथ न फैले ताकि मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सके क्योंकि कोरोना का नया वैरिएंट मई के दूसरे सप्ताह तक अपना असर दिखाएगा। यह कोरोना की चौथी लहर होगी। यह ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट एक्सबीबी 1.16 है जोकि उत्तर भारत में तेजी से फैल रहा है।
इस लहर में है कोरोना का नया वैरिएंट
यह मरीज को वेंटिलेटर तक नहीं ले जा सकता क्योंकि दूसरी लहर में अधिकांश लोग संक्रमित हो चुके हैं। सभी में एंटीबॉडी कम या अधिक बनी हैं जोकि संक्रमणा से लड़ने में सक्षम हैं। इसके अलावा अधिकांश लोग टीकाकरण भी करवा चुके हैं, इससे कृत्रिम एंटीबॉडी भी है। दोनों स्थिति में ही नया वैरिएंट किसी व्यक्ति को गंभीर स्थिति तक नहीं ले जा सकता। इसका मतलब यह भी नहीं है कि हम संक्रमण को हल्के में लें। कोरोना का वायरस कब म बदलेगा और क्या असर दिखाएगा यह समय ही बताएगा, इसलिए इससे बचना जरूरी है।
नहीं पड़ रही वेंटिलेटर की जरूरत
कोरोना के नए वैरिएंट में फिलहाल खास बात यह है कि इसमें मरीज घर पर ही दवा लेकर ठीक हो रहे हैं। अभी तक ऐसा मरीज सामने नहीं आया है जोकि अकेला संक्रमित हो और उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी हो। इसकी वजह सभी का पहले ही संक्रमित होना व टीकाकरण को माना जा रहा है।