रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन पर 320 करोड़ की लागत से शहर में मेट्रो की तर्ज पर एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा। ट्रैक की लंबाई चार किलोमीटर होगी, जिसे रेलवे की ओर से दो साल में पूरा किया जाएगा। ट्रैक की राह में आ रही पेयजल और बिजली लाइन और पेड़ों को 31 मार्च तक हटाना होगा। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सोमवार को अधिकारियों की मीटिंग में यह निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि एलिवेटेड ट्रैक देश में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा। इस ट्रैक के बन जाने से रोहतक शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी और शहर में एक नई सड़क का विकल्प भी खुल जाएगा। क्षेत्र के लोगों को इस एलिवेटेड ट्रैक से काफी उम्मीदें हैं। रेलवे सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सारी औपचारिकताएं पूरी करके ट्रैक का कार्य जल्द शुरू करवाएं।
मेट्रो की तर्ज पर बनेंगे पिलर, डिजाइनिंग का 80 फीसदी काम पूरा
उतर रेलवे की उप मुख्य अभियंता मोना श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रैक के पिलर मेट्रो की तर्ज पर बनाए जाएंगे। ट्रैक की डिजाइनिंग का 80 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने काम शुरू करने के लिए रेलवे लाइन की जांच की।
31 मार्च तक बाधाएं हटाएं अधिकारी
चार किलोमीटर लंबी लाइन में बजरंग भवन के नजदीक जहां पेयजल लाइन गुजरती है, वहीं कई जगह बिजली के तार भी लाइन को क्रास कर रहे हैं। साथ ही, ट्रैक के दोनों तरफ पेड़ भी हैं। मंत्री मनीष ग्रोवर ने बिजली निगम, पब्लिक हेल्थ और वन विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे 31 मार्च तक बाधाएं दूर करें। बजरंग भवन के पास पिलर बनेंगे, ऐसे में पेयजल लाइन की दिशा में थोड़ा बदलाव करना होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
मीटिंग में एसडीएम मुनीश नागपाल, पीडब्ल्यूडी के एसई प्रदीप रंजन, बिजली निगम के एसई एसके बंसल व पब्लिक हेल्थ के अधिकारी और भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रमेश भाटिया भी मौजूद रहे।