हरियाणा के रोहतक में जयहिंद सेना के कोर कमांडरों ने रविवार को नवीन जयहिंद के टूटे तंबू में बैठक की। यहां विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने अपने विचार रखे। उन्होंने टूटे तंबू का अंतिम संस्कार किया, साथ ही सेक्टर–6 में तंबू पर चले सरकार के बुलडोजर वाली जगह 17 नवंबर को तंबू की सत्रहवीं करने का फैसला लिया गया।
नवीन जयहिंद ने कहा कि 36 बिरादरी की आवाज आखिरी सांस तक उठाई जाएगी। जनता दरबार भी इसी तरह लगेगा। सरकार को इतनी ही दिक्कत है तो जयहिंद को हरियाणा से तड़ीपार कर दे और अपने मंत्रियों और अधिकारियों से कहे कि वे जनता की समस्याओं का समाधान करें।
उन्होंने कहा कि तंबू की जगह पर किसी का कोई प्लाॅट नहीं था। वहां किसी का कब्जा भी नहीं था। आसपास हजारों पेड़–पौधे थे। सरकार इन पेड़ों को काटकर यहां प्लाॅट निकालना चाहती है तो यह सरकार की खराब नीति है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी भी उस समाज से आते हैं, जिस समाज में पेड़–पौधों की रक्षा की जाती है। तंबू पर सरकार का बुलडोजर चलने को कोर कमांडरों ने कायराना हरकत ठहराया। कहा कि तंबू से लोगों की आवाज उठाई जाती थी। टूटे तंबू में पीजीआई के कच्चे कर्मचारी भी पहुंचे।