शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर सोनीपत हाईवे पर स्थित जसिया में रविवार सुबह 9 बजे हवन यज्ञ के साथ जाटों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। आंदोलनकारियों ने प्रस्ताव पास करके कहा है कि उनका धरना तब तक शांतिपूर्वक जारी रहेगा जब तक सरकार मांगों को मान नहीं लेती। वक्ताओं के निशाने पर सरकार और भाजपा रही। बारिश की वजह से मुख्य धरनास्थल के गीला हो जाने से जहां आंदोलनकारी संपर्क मार्ग पर जमे हैं, वहीं फोर्स ने भी 200 मीटर की दूरी पर टेंट लगाकर मोर्चा संभाल लिया है। एसपी पंकज नैन अर्धसैनिक बल व पुलिस की सात कंपनियों के साथ हाईवे किनारे दिन भर डटे रहे।
यशपाल मलिक के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की अगुवाई में शुरू हुआ धरना पहले दिन शांतिपूर्ण रहा। शाम को धरना स्थल खाली हो गया। रात को करीब 125 लोग धरना स्थल पर रहे। सोमवार को टेंट लगाकर फिर धरना दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से दिया जा रहा है। जाट समाज अपनी तरफ से शांति भंग करने का प्रयास नहीं करेगा। 3-4 दिन में धरनास्थल सूख जाएगा, तब तक हाईवे के साथ लगते जसिया लिंक रोड पर धरना जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बता दिया गया है कि आंदोलनकारी नेशनल हाईवे पर नहीं आएंगे। वहीं, पहले दिन काफी संख्या में बुजुर्ग और महिलाएं धरना स्थल पर पहुंचे। कई खाप पंचायतों ने भी अपना समर्थन दिया। मंच से वक्ताओं ने भाजपा के जाट नेताओं और सरकार को खरी-खोटी सुनाई। रात में धरने पर बैठने वालों के लिए मौके पर ही सोने और भोजन की व्यवस्था की गई है। दोपहर का भोजन भी धरना स्थल पर ही तैयार किया गया।
दूसरी बिरादरी से भी मांगे सहयोग
वक्ताओं ने मंच से कहा कि जाट समाज दूसरी बिरादरी के दुख-सुख में शामिल रहता है। अब जाट बिरादरी को उनके सहयोग की जरूरत है, लेकिन जाट समाज के लोग सहयोग मांगने में हिचक महसूस करते हैं। ऐसा न करें, गांवों से दूसरी बिरादरी के लोगों को भी साथ लेकर आएं।
यूपी-पंजाब में भाजपा को सिखाएंगे सबक : बल्हारा
आंदोलनकारी जसिया में धरना स्थल पर सुबह से ही पहुंचने लगे। मुख्य धरना स्थल पर बारिश का पानी भरा होने के कारण सड़क की सफाई करके धरना शुरू किया गया। पहले हवन किया गया। इसके बाद वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि जाट समाज एक है। कहीं कोई गुट नहीं है। सरकार के इशारे पर जाट समाज को गुटों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। बल्हारा ने कहा कि यूपी और पंजाब में जाट भाजपा की हार का कारण बनेंगे। यूपी में सपा-बसपा जाटों के बिना सरकार बना सकती हैं, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों ने भाजपा को हराने के लिए कमर कस ली है। जाट चाहे किसी भी प्रदेश से क्यों न हो, वह पहले कौम के साथ खड़ा रहता है।
निशाने पर रहे भाजपा के जाट नेता
धरना स्थल पर वक्ताओं ने भाजपा के जाट नेताओं को निशाने पर लिया। वक्ताओं ने कहा कि यूपी व हरियाणा केजाट नेता भाजपा केराष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को गुमराह कर रहे हैं। यूपी व पंजाब केचुनाव परिणाम बता देंगे कि हकीकत क्या है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति केप्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि जब भी यशपाल मलिक आंदोलन का बिगुल फूंकते हैं, तब कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ कथित खाप नेताओं को खाना खिलाने चंडीगढ़ ले जाते हैं। वहीं, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने जाट युवाओं को एफआईआर में नामजद करवाया है।
ये खाप भी पहुंची धरना स्थल पर
धरना प्रभारी राजसिंह हुड्डा ने दावा किया कि धरनास्थल पर जिले की गई खापों, तपों और सरपंचों ने आकर अपना समर्थन दिया है। इसमें हुड्डा खाप केप्रधान ओमप्रकाश हुड्डा, नादंल खाप केप्रधान ओमप्रकाश नांदल, बहुअकबरपुर अठगामा से आनंद कलकल, बालंद अठगामा से मास्टर रघबीर, रूड़की से रामानंद, महम चौबीसी से मेहर सिंह शामिल हैं।
मकड़ौली की मीना और रामकली ने भी किया संबोधित
मकड़ौली गांव की मीना और रामकली ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया। कविताओं के माध्यम से बताया किस तरह जाट कौम अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों के साथ मिलकर सरकार को मांग मांगने के लिए मजबूर कर देंगी।
श्रद्धांजलि देकर किए नौ प्रस्ताव पास
धरना स्थल पर सबसे पहले पिछले साल फरवरी माह में आंदोलन के दौरान मारे गए युवाओं को श्रद्धांजलि देकर हवन किया गया। साथ ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने नौ प्रस्ताव पास किए। जो इस तरह हैं।
- धरनास्थल पर वक्ता भड़काऊ बयानबाजी नहीं करेगा
- किसी भी जाति के खिलाफ टिप्पणी नहीं की जाएगी
- मंच से किसी भी दल का प्रचार नहीं किया जाएगा
- धरना संचालन का अधिकार 15 सदस्यीय कमेटी के पास रहेगा।
- किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना पहले कमेटी को दी जाएगी। इसके बाद कमेटी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करेगी।
- चंदा देने वालों को रसीद दी जाएगी।
- सरकार और प्रशासन से पर्दे के पीछे बात नहीं होगी। कमेटी धरने पर बैठे लोगों की सहमति से निर्णय लेगी।
- धरने के शांतिपूर्ण संचालन के लिए प्रशासन को सहयोग किया जाएगा। प्रशासन से भी यही अपेक्षा रखी जाएगी।
- मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा।
15 सदस्यीय कमेटी में ये शामिल
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जसिया में शुरू हुए धरने के संचालन के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राजसिंह आसन, कृष्णलाल हुड्डा, उमेद सिंह रिठाल, रामधारी जसिया व राजसिंह फौजी, बहुअकबरपुर अठगामा प्रधान आनंद कलकल, जयबीर टिटौली, रामानंद रूड़की, मास्टर रघुबीर सिंह बालंद, रामकिशन मोखरा, राजेंद्र गुढान, नांदल खाप के प्रधान ओमप्रकाश नांदल, सुंदर प्रधान घिलौड़, धर्मबीर किलोई, अत्तर सिंह उर्फ काला प्रधान शामिल हैं।
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों की मांगें
- पिछले साल फरवरी माह में आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और घायलों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- जेल में बंद युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।
- 22 फरवरी को सरकार से हुए समझौते तहत बनी सहमति को पूरा किया जाए।
- केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जाट समाज को आरक्षण दिया जाए।
- कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार के खिलाफ कार्रवाई कर पार्टी से बर्खास्त किया जाए।
दोनों तरफ चढ़ी कढ़ाई, हलवा-पूरी बनी
धरना स्थल पर आयोजकों ने आंदोलनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। हलवा और आलू की सब्जी की धरने के पहले दिन व्यवस्था की गई। दूसरी तरफ, धरना स्थल से 200 मीटर पहले रोहतक की तरफ पेट्रोल पंप के सामने पुलिस ने सुरक्षा बलों के लिए खाने की व्यवस्था की है। फोर्स को मौके पर ही खाना बनाकर खिलाया जा रहा है। डीएसपी शमशेर दहिया जवानों के बीच खाना खाते नजर आए। दोपहर को आईजी नवदीप विर्क ने सोनीपत जाते समय धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी पंकज नैन दिनभर मौके पर डटे रहे। हालांकि, माहौल पहले दिन शांतिपूर्ण रहा।
एक फरवरी को आएंगे यशपाल मलिक, 19 को मनाएंगे शहीदी दिवस
धरने के पहले दिन कई खाप नेता धरना स्थल पर पहुंचे। एक फरवरी को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक आएंगे। धरना स्थल पर पहुंचे प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने बताया कि 19 फरवरी को शहीदी दिवस मनाया जाएगा। पिछले साल आंदोलन केदौरान राहुल दांगी नाम के युवक की मौत इसी दिन हुई थी।
धरना स्थल पर बारिश के चलते पानी भर गया है। पानी सूखने में 3-4 दिन लगेंगे। इस कारण हाईवे के किनारे लिंक रोड पर धरना शुरू किया गया है। आंदोलनकारी हाईवे पर नहीं आएंगे। आईजी, आयुक्त, डीसी व एसपी को अवगत करा दिया गया है।
- राजसिंह हुड्डा, धरना प्रभारी जसिया
प्रशासन ने हाईवे के किनारे खेत में धरने की अनुमति दे रखी है, लेकिन धरना सड़क पर दिया जा रहा है। इस संबंध में धरना आयोजकों से बातचीत की थी। उन्होंने हाईवे नंबर-71 पर नहीं आने का आश्वासन दिया है। फिर भी पुलिस व प्रशासन नजर बनाए हुए है। धरने के चलते पहले दिन किसी तरह का तनाव नहीं रहा।
- अतुल कुमार, डीसी रोहतक
पुलिस ने शहर की नाकेबंदी कर रखी है। रोहतक के चारों तरफ 16 पुलिस नाके लगाए गए हैं। साथ ही जसिया केधरना स्थल के चारों तरफ पुलिस व अर्धसैनिक बलों की सात कंपनी तैनात की गई हैं। किसी को सड़क पर नहीं आने देंगे। फिलहाल किसी तरह का तनाव नहीं है।
- पंकज नैन, पुलिस अधीक्षक रोहतक