वित्तमंत्री अभिमन्यु की कोठी में आगजनी मामले में जेल में बंद है सुदीप कलकल
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी और सांपला धरना स्थल पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में जेल में बंद वकील मनोज दूहन और सुदीप कलकल ने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। दोनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस की प्रताड़ना बंद नहीं हुई तो वह 15 मई से जेल में भूख हड़ताल शुरू कर देगें।
पुलिस ने एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में मनोज दूहन और सुदीप कलकल की आवाज के नमूने लेने के लिए अर्जी लगाई थी। इसका विरोध करते हुए दोनों के वकील प्रदीप मलिक ने कहा था कि उन्हें नमूने लेने पर ऐतराज नहीं है, लेकिन पुलिस को सैंपल किससे मैच करने के लिए आवाज के नमूने चाहिए। इसी संबंध में दोनों बुधवार को कोर्ट में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से नमूने लेने का कारण पूछा तो पुलिस ने कहा कि उसके पास आरोपियों के खिलाफ कुछ रिकार्ड हैं। इस कारण आवाज के नमूने लेने जरूरी हैं। इस पर कोर्ट ने आवाज के नमूने लेने की पुलिस की अर्जी को मंजूरी दे दी। अब पुलिस जल्द ही दोनों की आवाज के नमूने लेगी।
पेशी के दौरान मनोज और कलकल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस बार-बार उन्हेें प्रताड़ित करने के लिए अलग अलग तरीके निकाल रही है। कलकल ने कहा कि उन्हें सरकार के इशारे पर जेल के अंदर भी प्रताड़ित किया जा रहा है। फिर दोनों ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह 15 मई से जेल के अंदर भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। मनोज ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस हिंसा के मामले में बेगुनाह लोगों को गिरफ्तार कर रही है।