हरियाणा के जिला रोहतक में नियमित किए जाने की मांग पर अतिथि अध्यापकों ने प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते कहा कि भले ही जान चली जाए, अब पीछे नहीं हटेंगे।
अतिथि अध्यापकों ने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे।
रैली के बाद अध्यापक मुख्यमंत्री निवास के लिए सेक्टर-छह के मैदान से चले तो पुलिस ने नए बस अड्डे के पास बेरीकेट लगाकर रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बेरीकेट हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, परंतु पुलिस ने उन्हें वहीं पर रोक दिया, जिस पर प्रदर्शनकारी सड़क के बीचोंबीच बैठ गए।
बाद में एसडीएम ने मौके पर पहुंच प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात करा दी जाएगी। इस बारे में वे अपनी एक बीस सदस्यीय कमेटी बना लें।
इसे प्रदर्शनकारी मान गए और एसडीएम को ज्ञापन दिया। शनिवार को सेक्टर-छह स्थित ग्राउंड में गेस्ट टीचरों के जारी महापड़ाव में प्रदेश भर से काफी संख्या गेस्ट टीचर परिवार सहित पहुंचे।
गेस्ट टीचर एसोसिएशन के राज्य प्रधान अरुण मलिक ने सरकार को चेताया कि अब आर-पार की लड़ाई-लड़ने का वक्त आ गया है।
रोजगार बचाने के लिए उनकी भले ही जान चली जाए, पंरतु वे पीछे नहीं हटेंगे। वे रोजगार बचाने के लिए किसी हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार गेस्ट टीचरों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल में कड़ी मेहनत व लगन से स्कूलों में अध्यापन कार्य किया है, जिसकी बदौलत सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों और छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है।
हरियाणा की पूर्व सरकाराें ने सात बार नीतियां बनाकर कर्मचारियों को नियमित किया है। यही नहीं, वर्तमान सरकार ने भी पिछले वर्ष कुछ कर्मचारियों को नियमित किया था। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 15006 अतिथि अध्यापक कार्यरत हैं।