एक लाख 27 हजार रुपये के बिल को लेकर भड़के चेयरमैन
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जिला परिषद चेयरमैन ने अधिकारियों पर काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को जिला परिषद कार्यालय पर ताला जड़ दिया। दो कमरों में बैठे कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया और जिला परिषद के अधिकारी के साथ भी जमकर नोकझोंक हुई। चेतावनी दी कि अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला तो मंगलवार सुबह विकास भवन पर ताला जड़ दिया जाएगा। मामला सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे का है। जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू और कई पार्षद जिला परिषद कार्यालय में पहुंचे।
चेयरमैन ने जिला परिषद कार्यालय के सीओ इंद्रजीत सिंह से एक लाख 27 हजार रुपये के बिल का भुगतान करने के लिए कहा। जिससे सरकारी गाड़ी की मरम्मत कराई गई थी। बिल अधिक होने के कारण सीओ ने तर्क दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। इसके लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर तब बिल पास किया जाएगा। इसे लेकर चेयरमैन भड़क उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कमीशन के चक्कर में कोई भी काम समय पर नहीं करते। पार्षदों के काम में भी आनाकानी की जाती है। मामला इतना बढ़ा कि वह वहां से निकालकर दूसरे कर्मचारियों के कमरे में गए और कर्मचारियों को वहां से बाहर निकालकर ताले जड़ दिए। आरोप लगाया कि जब अधिकारी और कर्मचारी काम नहीं करते तो कार्यालय में बैठने का क्या फायदा। चेयरमैन के साथ आए लोगों ने सीओ के कार्यालय में भी ताला लगाना चाहा, लेकिन वे वहां से नहीं उठे। पार्षदों ने चेतावनी दी कि मंगलवार को विकास भवन में ताला जड़ दिया जाएगा। काफी देर तक नोकझोंक के बाद चेयरमैन अपने कार्यालय में जाकर बैठ गए। इसके बाद अधिकारी व अन्य स्टाफ भी वहां से निकलकर आ गया।
यह बोले चेयरमैन
उधर, चेयरमैन बलराज कुंडू का कहना है कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से फोन पर बात हुई है। फिलहाल वह चंडीगढ़ में हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अधिकारियों से बातचीत करेंगे। तालाबंदी का कोई मामला नहीं है। मैं और मेरे पार्षद जनता के लिए हर समय तैयार है।