लंबी कवायद के बाद प्रदेश में शुरू हुआ पंचायत प्रतिनिधियों के लिए सर्टिफिकेट कोर्स चौधरियों को रास नहीं आया। पहले चरण में एमडीयू में कोर्स का शुभारंभ करने पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से ही पंचायत प्रतिनिधियों से सवाल दाग दिए। कृषि मंत्री से कहा कि एक साल से ग्रांट मिली नहीं तो गांवों का विकास क्या ट्रेनिंग से कराएं?। इस ट्रेनिंग से पहले कौन से गांव में विकास नहीं हुआ? यहां तक कि पंचायत प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री से पूछ लिया कि क्या आपने यह ट्रेनिंग की है?
दरअसल, एमडीयू के डीडीई हाल में सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों के लिए तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ किया गया। इसके लिए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ बतौर मुख्यतिथि आए थे। पंचायत प्रतिनिधियों को कोर्स कराने की जिम्मेदारी एमडीयू के लोक प्रशासन विभाग को दी गई है। कृषि मंत्री ने माइक पर आते ही पंचायत प्रतिनिधियों को 9-स का फार्मूला बताया। कहा कि इस कोर्स के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को सक्षम, समर्थ, सम्मानित, सुंदर, शिक्षित, सहभागी, स्वच्छ, सेवार्थ और सशक्त बनाया जाएगा।
कृषि मंत्री पंचायत प्रतिनिधियों को यह पाठ पढ़ाकर बैठे ही थे कि कुछ प्रतिनिधियों से सवाल दागने शुरू कर दिए। प्रतिनिधियों ने कहा कि मंत्री जी इतना लंबा समय बीतने के बाद भी ग्रांट नहीं मिली। बिना ग्रांट के गांव में विकास कार्य क्या इस ट्रेनिंग से हो जाएंगे? कृषि मंत्री ने तुरंत वहां पर मौजूद विभागीय अधिकारियों से पूछा कि अभी तक ग्रांट क्यों नहीं मिली?
इस पर अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए कहा कि कुछ ग्रांट दे चुके हैं और कुछ बाकी है, उसे भी दे दिया जाएगा। यह सवाल खत्म ही हुआ था कि कुछ प्रतिनिधियों ने फिर सवाल उठा दिया कि इस उम्र में हमें ट्रेनिंग कराई जा रही है, क्या आपने भी यह ट्रेनिंग की है? इस पर कृषि मंत्री दोबारा से माइक पर आए और कहा कि हमने भी बहुत ट्रेनिंग की है। फिर भी यदि जिन लोगों को यह अच्छी नहीं लगी वह दूसरे चरण में आकर ट्रेनिंग ले सकते हैं।
इन्हीं बातों को लेकर प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री और अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई। इस मौके पर वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज, एडीसी प्रदीप कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, पंचायतीराज विभाग के कार्यकारी अभियंता केके धनखड़, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रोहतक राजपाल चहल, दिनेश घिलौड़ और प्रो. आरएस दहिया मौजूद रहे।
इन प्रतिनिधियों ने लिया भाग
सर्टिफिकेट कोर्स के लिए नौ जिलों के 57 प्रतिनिधियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें भिवानी जिले के 16, गुड़गांव के सात, झज्जर के चार, जीद के आठ, महेंद्रगढ़ के तीन, पलवल के नौ, रेवाड़ी के तीन और रोहतक के सात प्रतिनिधि शामिल हुए।