सांपला के समचाना में रविवार को खेत में खुदाई के दौरान हड़प्पा कालीन मानव कंकाल और अवशेष मिले हैं। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर इतिहास और पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची और जांच की। पुरातत्व विभाग की टीम ने बताया कि मानव कंकाल करीब 3500 साल पुराना है। यह कंकाल किसी महिला का है। कंकाल के साथ मिले अवशेष हड़प्पा सभ्यता के समय के हैं। मानव कंकाल मिलने की जानकारी मिलते ही गांव के लोग एकजुट होने लगे। ऐसे में पुरातत्व विभाग की टीम मिले अवशेषों को अपने साथ ले गई।
समचाना के किसान आनंद ने अपने खेत की मिट्टी उठाने का ठेका दिया था। रविवार को खेत में जेसीबी से खुदाई चल रही थी। करीब पांच फुट नीचे मिट्टी हटाने पर एक मानव खोपड़ी नजर आई। जब कुछ और मिट्टी हटाई तो खोपड़ी के पास पुराने बर्तन मिले। इसकी सूचना आनंद को दी गई। आनंद ने मामले की जानकारी इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर अमर सिंह को दी। प्रो. अमर सिंह, बीपीएस यूनिवर्सिटी खानपुर कला के प्रो. कुलदीप सिंह, एमडीयू इतिहास विभाग के कुलदीप, इतिहास से एमए कर चुके राहुल को साथ लेकर गांव पहुंचे।
कब्जे में लिया नर कंकाल और बर्तन
टीम ने देखा कि खेत में करीब पांच फुट नीचे मानव खोपड़ी, मिट्टी के बर्तन और मणिये दबे थे। मानव कंकाल मिलने की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और पुरातत्व विभाग की टीम में बातचीत हुई। इसके बाद पुलिस लौट गई। पुरातत्व विभाग की टीम ने अवशेष की जांच की और इन अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया। रिटायर्ड प्रोफेसर अमर सिंह ने बताया कि इन अवशेषों को म्यूजियम में रखा जाएगा। हालांकि, अभी यह निर्णय नहीं हुआ है कि अवशेष को एमडीयू के म्यूजियम में रखा जाएगा या फिर किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में रखा जाएगा।
रोहतक में पहले भी मिले अवशेष
प्रो. अमर सिंह ने बताया कि अब तक हरियाणा और रोहतक के आसपास कई स्थानों पर हड़प्पा सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि रोहतक के गांव फरमाणा में भी हड़प्पा सभ्यता के बर्तन एवं अन्य सामान मिल चुका है। वहीं, हिसार के गांव राखीगढ़ी में भी अवशेष मिले थे। इसके अलावा बेड़वा गांव में हड़प्पा सभ्यता का एक जबड़ा मिला था। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव सनौली में भी हड़प्पा सभ्यता से जुड़ी चीजें मिली थीं।
जांच से लग रहा है कि खोपड़ी किसी महिला की है। अनुमान है कि हड़प्पा सभ्यता में जिस समय किसी व्यक्ति या फिर औरत की मौत हो जाती थी तो उसे दफनाया जाता था। दफनाने के दौरान पुरुष के शव के पास पुरुष का सामान रखा जाता था और महिला के शव के पास महिलाओं के सामान रखे जाते थे। मणिये मिलने से लग रहा है कि महिला की खोपड़ी है।
- अमर सिंह, रिटायर्ड प्रोफेसर, इतिहास एवं पुरातत्व विभाग