एमडीयू में बंदा बहादुर के 300वें शहीदी वर्ष पर ध्वनि प्रकाश कार्यक्रम का
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खनन, भू-गर्भ एवं अक्षय ऊर्जा राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने कठोर यातनाएं सहकर देश और धर्म की रक्षा के लिए प्राणों की परवाह नहीं की। उनकी आंखों के सामने बेटे का कत्ल कर दिया गया। यहां तक कि उनके शरीर पर गर्म लोहे की सलाखें लगाई गईं, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। ऐसे सच्चे सेनानायक से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
नायब सिंह सैनी मंगलवार को बतौर मुख्यातिथि एमडीयू के राधाकृष्णन सभागार में बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में हुए ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने मातृभूमि पर बुरी नजर उठाने वाले और यातनाएं देने वाले मुगलों को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। वे गुरु गोबिंद सिंह के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने अच्छे सेनापति की तरह काम करते हुए देश व धर्म की रक्षा की। प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि उनके 300वें शहीदी वर्ष पर निकलने वाली यात्रा को हरियाणा सरकार ने राज्य अतिथि का दर्जा दिया है। यह यात्रा 31 मई को जम्मू-कश्मीर के रियासी यानी बंदा बहादुर की जन्मस्थली से शुरू होगी। जो प्रदेश के 19 जिलों से होती हुई नौ जून को दिल्ली के महरौली स्थित उनके शहीदी स्थल पर संपन्न होगी।
सैनी ने कहा कि सरकार ने देश के महान पूर्वजों को सम्मान देते हुए उनके दिवस को सरकारी तौर पर मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान विधायक मनीष ग्रोवर ने कहा कि बंदा बहादुर के बलिदानों को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे महान पुरुषों के कारण ही हमारा देश सभ्यता व संस्कृति में अग्रणी है। इस मौके पर कलाकारों ने उनके जीवन संघर्ष को मंच पर बखूबी तरीके से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल, बाबा बंदा सिंह बहादुर के वंशज बाबा जतिंद्रपाल सिंह सोढ़ी, माता सुखबीर कौर, नीलम, साहिबजादा ज्योत प्रकाश सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल, अखिल भारतीय बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख संप्रदाय के चेयरमैन रामलुभाया परूथी, महंत बाबा कर्णपुरी, भाजपा नेत्री प्रतिभा सुमन, योग गुरू हवा सिंह सैनी मौजूद रहे।