स्कूली छात्रों की वैज्ञानिक सोच को विकसित करके युवा वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन शुरू किया है। इसके तहत देशभर के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में 500 लैबोरेटरी खोली जाएगी। इनमें कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्र पढ़ाई के साथ ही अपनी तकनीकी सोच को नये आविष्कारों में बदल सकेंगे। लैबोरेटरी को बनाने के लिए केंद्र की ओर से 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, किसी स्कूल पर लैबोरेटरी बनाने के लिए दबाव नहीं होगा, लेकिन यदि वह लैब बनाना चाहता है तो नीति आयोग की साइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
गौरतलब है कि स्कूलों में पढ़ाई के दौरान अधिकतर छात्र ऐसे आविष्कार कर लेते हैं जो काफी कामयाब होते हैं। अगर ऐसे छात्रों को बेहतर लैबोरेटरी या उपकरण मिले तो वह अपनी वैज्ञानिक (तकनीकी) सोच के सहारे अच्छे आविष्कार कर सकते हैं। पढ़ाई के साथ छात्रों की नई सोच वाली प्रतिभाओं को देखते हुए केंद्रीय नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत देशभर के सीबीएसई स्कूलों में 500 लैबोरेटरी बनाने की योजना बनाई है। इनमें कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों को काम करने का मौका दिया जाएगा। छात्रों को साइंस, टेकभनोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स पर हर तरह के उपकरणों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
लैबोरेटरी शुरू करने के बाद छात्रों की वैज्ञानिक गतिविधि क्या रही और वह कितनी बेहतर है, यह देखने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन लैबोरेटरी में होने वाले नए आविष्कारों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। समस्याओं के निस्तारण के लिए कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। इनके अलावा भी काफी कुछ इस योजना में रखा गया है, जिससे छात्रों की वैज्ञानिक प्रतिभा उभर कर सामने आ सके।
लैबोरेटरी के लिए स्कूलों से आवेदन मांगे गए हैं, जो 17 जून तक नीति आयोग की वेबसाइट पर आनलाइन करना होगा। इसके लिए सीबीएसई की अपर निदेशक रिसर्च सुगंधा शर्मा ने सभी स्कूलों को लेटर जारी कर दिया है। यही नहीं बड़े ग्रुप के स्कूलों से संपर्क भी किया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लैबोरेटरी जल्द से जल्द खोली जा सके।