रोहतक में भगवान परशुराम जयंती समारोह के मुख्य मंच पर मुख्यमंत्री व अन्य गण्यमान्य जन विराजे, जबकि एक मंच पर वीआईपी, एक पर सांस्कृतिक गतिविधियां व एक मंच साधु-संतों के लिए रही।
पहरावर की पवित्र धरती पर हम भगवान परशुराम को याद कर रहे हैं। यह सभी के लिए गर्व की बात है। वे पराक्रम, न्याय के प्रतीक धर्म के रक्षक, तप, त्याग व तेज का संगम हैं। ऑपरेशन सिंदूर भी भगवान परशुराम के सिद्धांतों से प्रेरित रहा है। जब कोई अत्याचार करता है तो फरसा उठाना पड़ता है। यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का। वे शुक्रवार को पहरावर में आयोजित भगवान परशुराम जयंती समारोह में बोल रहे थे।
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सीएम ने कहा कि ज्ञान और बल ही सही दिशा में ले जाता है। हमें भी भगवान परशुराम से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के सपने को साकार करना चाहिए। हमें शक्ति का प्रयोग तब करना चाहिए, जब उद्देश्य न्याय व जनकल्याण का हो। सरकार का प्रयास है कि गरीब का न्याय मिले व अमीर कानून से डरे, यही भगवान परशुराम का यही संदेश है। नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए कैथल के मेडिकल कॉलेज का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखा है।
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साथ ही उनके जन्म दिवस पर राजपत्रित अवकाश का प्रावधान किया है। गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था के 2013 से चल रहे विवाद को भी हमने सुलझाया है। ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज की साै सीटें स्वीकृत की हैं। करनाल में ब्राह्मण धर्मशाला के लिए जमीन आवंटित की है। युवाओं से अपने अंदर परशुराम को पहचानने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत विकसित हरियाणा को इस भाव की जरूरत है।
गौड़ संस्था की जमीन पर लगाएंगे भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा- मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
भगवान परशुराम जयंती समारोह में सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि पहरावर में गौड़ संस्था की जमीन पर भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। इससे यह इलाका पहरावर नहीं, धाम कहलाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से कुछ मांगें रखते हुए कहा कि जींद स्थित रामरा को ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया जाए। गौड़ संस्था की जमीन पर 12वीं पास बेटियों के लिए नर्सिंग कॉलेज बनाया जाए। सरकार ने पहले भी संस्था को यह जगह मुहैया करा कर बड़ी पहल की है। भविष्य में भी इस ओर बेहतर स्थान दिया जाए।
यूपी के भाजपा नेता सुनील भराला को सम्मानित किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा से यूपी सरकार के निवर्तमान राज्यमंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जानापाव जाकर भगवान परशुराम की जन्मभूमि पर अवश्य माथा टेकें।
हरियाणा के रोहतक के गांव पहरावर में भगवान परशुराम अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान मंत्री सुनील भराला विशिष्ट अतिथि के रूप शामिल हुए।
राज्यमंत्री भराला ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें धर्म, साहस और सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह घोषणा की कि भगवान परशुराम की जन्मभूमि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के जानापाव क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर घोषित करवाने का प्रयास किया है। भगवान परशुराम ने मुझे यह सौभाग्य प्रदान किया है कि मैं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के माध्यम से उनके जन्मस्थल, युद्धभूमि और छाप स्थलों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित करने के लिए काम कर रहा हूं। भराला ने मंच से हजारों श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे जानापाव जाकर भगवान परशुराम की जन्मभूमि पर माथा टेकें और उनके बताए हुए आदर्शों पर चलने का संकल्प लें।
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली, सांसद मनोज तिवारी, सांसद सतीश गौतम और हरियाणा कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सैनी और अन्य नेताओं ने भराला के प्रयासों की सराहना की और भगवान परशुराम के विचारों के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रीय परशुराम परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला ने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत गर्व और भावुकता का क्षण था कि उस मंच पर सम्मानित किया गया जहां धर्म, संस्कार और परंपराओं की गूंज थी। भगवान परशुराम के आदर्श हमें सदैव सत्य, साहस और सेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इस सम्मान को मैं अपने समाज, संस्कृति और गुरुजनों को समर्पित करता हूं।