पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम को दो माह के जैविक के अंतिम संस्कार के बाद उसकी मां प्रियंका से पूछताछ की। उस समय वह कुछ नहीं बोली। वीरवार सुबह दोबारा पुलिस की टीम गांव में पहुंची और पूछताछ की। सख्ती बरतने पर प्रियंका टूट गई।
बोली- 12 दिन पहले उसने पति मोहित से सोने का ढोल (लॉकेट) मांगा था। बोला- अभी इतने पैसे नहीं है कि ढोल बनवा सकूं। इससे वह नाराज थी। वारदात के दिन जैविक को दस्त लगे थे। उसने बच्चे को साफ किया और नहलाया। इसके बाद पानी के उसी ड्रम में छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद मासूम की सांसें थम गईं। खुद को बचाने के लिए बेहोश होने का नाटक किया। पुलिस ने आरोपी महिला के पति मोहित के भी बयान दर्ज किए हैं।
नकाबपोश महिला की बनाई थी झूठी कहानी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 27 मई को अजायब निवासी प्रियंका ने शिकायत दी थी कि वह झारखंड के चितारा जिले के गांव लुम्बिनी की रहने वाली है। 11 माह पहले मंदिर में उसकी शादी अजायब निवासी मोहित से हुई थी। अब उसका दो माह का बेटा जैविक था।
सुबह पति काम पर चला गया, जबकि सास बाहर थी। दोपहर 2 बजे एक महिला मुंह पर कपड़ा बांधकर घर में आई और जैविक को उठा लिया। उसने विरोध किया तो धक्का दे दिया, जिससे वह चारपाई पर सिर लगने से बेहोश हो गई। होश आने पर जैविक को तलाशा तो वह घर के अंदर पानी के ड्रम में मृत मिला। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
शुरू से ही था मां पर शक
वारदात को लेकर हर किसी को प्रियंका की कहानी पर शक था। ऐसे में पुलिस भी ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ हर पहलू से जांच कर रही थी। पूछताछ में आरोपी मां अपने ही सवालों में उलझती चली गई और उसने सच उगल दिया।