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रोहतक बनेगा टोल सिटी

Wed, 30 Apr 2014 02:48 AM IST
रोहतक
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रोहतक जिले की सड़कों पर सफर अब और महंगा हो जाएगा। दो साल के भीतर रोहतक टोल सिटी बन जाएगा। रोहतक-पानीपत और रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रोड पर टोल की मार झेल रहे लोगों को अगले माह से दिल्ली रोड पर भी रोहद टोल प्लाजा पर जेब ढीली करनी पड़ेगी। 2016 तक रोहतक-हिसार रोड पर दो जगह महम और हांसी के पास टोल चुकाना होगा। रोहतक शहर से चारों दिशाओं में राहगीरों को टोल का बोझ उठाना पड़ेगा।
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रोहतक से दिल्ली, पानीपत, रेवाड़ी, हिसार, जींद और भिवानी के लिए मार्ग निकलते हैं। रोहतक से पानीपत के बीच पहले से ही दो टोल स्थापित हैं। पहला टोल मकड़ौली कलां के पास तो दूसरा पानीपत से पहले डाहर में। पानीपत जाने के लिए वाहन चालकों को दोनों टोल पर शुल्क भरना पड़ता है। यही हाल रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रूट का है। यहां भी डीघल और गंगायाचा गांव के पास टोल स्थापित हैं।


इन दोनों टोल का लंबे अर्से से विरोध हो रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से विरोध को शांत करने के लिए टोल हटाने का भरोसा तो कई बार दिलाया गया, लेकिन आश्वासन की जमीन पर नए टोल आने का सिलसिला लगातार जारी है। रोहतक-दिल्ली रूट पर गांव रोहद के पास जहां अगले माह से टोल शुरू होने की तैयारी चल रही है, वहीं 2016 तक रोहतक-हिसार रूट पर दो टोल स्थापित हो जाएंगे।
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पहला टोल रोहतक और महम के बीच लगेगा, जबकि दूसरा टोल हांसी के पास लगाने की योजना है। इसी प्रकार रोहतक-जींद रूट पर लाखनमाजरा के पास टोल लगाए जाने की योजना शुरुआती चरण में है।

जिले में टोल की राह आसान नहीं होगी। टोल हटाओ संघर्ष समिति ने चार मई को छोटूराम धर्मशाला में महापंचायत बुलाई है। इसमें टोल प्रभावित ग्रामीणों के अलावा खाप पंचायतों के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। संघर्ष समिति की प्रवक्ता राजबाला ने बताया कि गठवाला खाप, महम चौबीसी, श्योराण खाप, पंजाबी जागृति मंच के अलावा तमाम ट्रांसपोर्ट यूनियन और प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण इस महापंचायत में हिस्सा लेंगे ताकि टोल के खिलाफ रणनीति तैयार की जा सके।

टोल हटाओ संघर्ष समिति ने आम आदमी पार्टी की तर्ज पर पांच हजार टोपियां तैयार कराई हैं। टोपी की एक तरफ टोल फ्री हरियाणा तो दूसरी तरफ टोल हटाओ संघर्ष समिति लिखा है। समिति के प्रधान विरेंद्र हुड्डा ने बताया कि टोल हटाने की लड़ाई अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। टोपी संघर्षशील कार्यकर्ताओं को याद दिलाती रहेगी कि इस लड़ाई को बीच में छोड़ना स्वयं की प्रतिष्ठा को खोने के बराबर है। यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक रोहतक को टोल मुक्त नहीं करा दिया जाता।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 17 अप्रैल को घोषणा की थी कि चुनाव के अगले ही दिन 11 अप्रैल को बढ़ाया गया टोल वापस लिया जा रहा है। संघर्ष समिति के प्रधान विरेंद्र हुड्डा का कहना है कि दोनों टोल पर अभी तक बढ़ा हुआ शुल्क ही वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को टोल से संबंधित मांगें पूरी करने के लिए आचार संहिता हटने के एक सप्ताह बाद तक का समय दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो महापंचायत में तय रणनीति के तहत आंदोलन शुरू होगा।  
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कहां कितना टोल टैक्स (11 अप्रैल से बढ़ी दरों के बाद)
मकड़ौली टोल प्लाजा
वाहन          एकतरफा        आना-जाना
कार            110                165
एलटीवी        170                250
ट्रक            335                    505
एसवी        505                    760
ओएसवी        670                1005

डीघल टोल प्लाजा
वाहन            एकतरफा            आना-जाना
कार-जीप        25                    40
एलटीवी            40                    65
बस-ट्रक            90                    125
भारी वाहन        140                    210
बड़े व ऊंचे ट्रक    170                255

गंगायाचा टोल प्लाजा
वाहन                एकतरफा                आना-जाना
कार                        65                    95
एलटीवी                100                    150
बस-ट्रक                205                    305
दस टायर के ट्रक    315                    470
भारी वाहन            400                    595

रोहद टोल प्लाजा (संभावित दरें)

वाहन        एकतरफा            आना जाना
4 पहिया    25                    40
एलएमवी    90                    148
ट्रक-बस        108                207
मल्टी एक्सल    318                477
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