हरियाणा के रोहतक क्षेत्र के एक राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने उपायुक्त अजय कुमार को गुमनाम चिट्ठी लिखी, जिसमें स्कूल की दो अध्यापिकाओं की शिकायत की गई है। चिट्ठी में छात्राओं ने एक अध्यापिका पर दूसरे स्कूल के अध्यापक से फोन का स्पीकर ऑन कर आपत्तिजनक बातें करने और दूसरी अध्यापिका पर छोटे कपड़े पहनकर आने का आरोप लगाया था। उपायुक्त ने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने जांच के लिए तीन प्राचार्यों की कमेटी गठित कर दी गई है।
छात्राओं ने यह लिखा गुमनाम चिट्ठी में
उपायुक्त को लिखी गुमनाम चिट्ठी में छात्राओं ने लिखा कि दोनों अध्यापिकाओं की हरकत से विद्यालय का माहौल बिगड़ रहा है। स्कूल की एक अध्यापिका क्लासरूम में बैठकर मोबाइल फोन का स्पीकर ऑन कर लड़कों के स्कूल के अध्यापक से आपत्तिजनक बात करती है। दूसरे गांव के स्कूल प्रिंसिपल से भी फोन पर इसी तरह की बातें करती है। इसे सुनकर छात्राओं को शर्मसार होना पड़ता है।
दूसरी शिक्षिका पर आरोप है कि वह छोटे कपड़े पहनकर स्कूल आती है। इससे उनका शरीर दिखाई देता रहता है। इस बारे में छात्राओं ने अध्यापिका से कहा तो उन्होंने डांटकर चुप करा दिया और कहा कि मेरी मर्जी, चाहे जो पहनूं, तुम्हें क्या। इस बारे में बीईओ से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बीईओ को बुलाया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
- मनजीत मलिक, डीईओ।
मामले की सभी एंगल से जांच की जाएगी। पहली नजर में किसी व्यक्ति विशेष की ओर से स्कूल की शिक्षिका को बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया लगता है। यह एक कानूनी अपराध है। पत्र वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूल खुलने के बाद छात्राओं से बात कर हर एंगल से सच्चाई जानने का प्रयास किया जाएगा।
- दलबीर फोगाट, एसडीएम।