बाल विवाह जिस संबंधित थाना क्षेत्र में होगा वही जिम्मेदार होगा। थाना प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस ने जिले भर में सतर्कता बढ़ा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से जिले भर के थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने के आदेश जारी कर दिये हैं। इतना ही नहीं मामले को लेकर महिला थाने में बाल संरक्षण अधिकारी तैनात कर दिये गए।
एसपी शशांक आनंद ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करवाता है या उसको बढ़ावा देता है तो उसे 2 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माने भरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकने को लिए प्रत्येक जिले में एक संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी नियुक्त किये हैं। इनका कार्यालय महिला थाना में स्थापित किया गया है। उन्होंने अक्षय तृतीय पर्व 9 मई को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने की अपील की है।