रोहतक। निजी बसों को परमिट देने व सरकार की ओर से रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को न मानने को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं, राज्यस्तर पर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारी प्रत्येक जिले में मांगों को लागू करवाने के लिए भूख हड़ताल कर रहे हैं।
नए बस अड्डे पर बुधवार को रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के पदाधिकारियाें ने 362 मार्गों पर प्राइवेट बसों को परमिट देने व मांगों को लागू न करने के विरोध में भूख हड़ताल शुरू की। दोपहर 12 बजे शुरू की भूख हड़ताल को रोडवेज कर्मचारी वीरवार 12 बजे महाप्रबंधक को ज्ञापन देने के बाद खत्म करेंगे। राज्य मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि 17 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार उमाशकर, परिवहन मंत्री असीम गोयल, रोडवेज विभाग के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में यूनियन प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक में कर्मचारियों की अनेक मांगों पर सहमति बनी थी और उन्होंने लागू करने का भरोसा दिया था। मांगों के परिपत्र अभी तक जारी नहीं किए गए। मोर्चा के सदस्य सरकार से मांग करते हैं कि सरकारी बसें रोडवेज के बेड़े में जनसंख्या अनुसार शामिल करें, ताकि आमजन को सस्ती परिवहन सेवा मिले व बेरोजगार युवकों को रोजगार मिले।
सरकार की ओर से इन मांगों पर बनी थी सहमति
साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि चालक-परिचालक व लिपिक का ग्रेड पे बढ़ाना, एक माह में चालक-परिचालकों के रात्रि ठहराव सरकार की ओर से 30 से घटाकर 10 सीमित कर दिए थे। उन्हें अब 25 तक देना, चालक-परिचालक, निरीक्षक, उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को एक वर्ष में मिलने वाले देय अर्जित अवकाश जो सरकार द्वारा 33 से घटाकर 18 किए थे, उन्हें अब 30 देय अर्जित अवकाश देने, वर्ष 2002 में भर्ती हुए चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करके पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने जैसी मुख्य मांग शामिल हैं। इस दौरान राज्य मोर्चा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र दिनोद, जगदीप लाठर, अमित महराणा, हरिकिशन, मुकेश दुहन, दिनेश हुडडा, सुरेश नहरा, नरेश सिवाच, सुमेश कुंडू, जितेंद्र लाकड़ा, जोगेंद्र ढुल, राजेश मायना, गिरीराज, मंजीत कारोर, सुरेंद्र, जयकुवार दहिया, नरेश सांगवान, सुभाष बराड़, शेखर आसन, अमित नरवाल, सिद्धार्थ, जोगेंद्र मलिक, राजेश गोरड, बेदू, मनीष अहलावत व कुलदीप आदि मौजूद रहे।