रोहतक। रक्षाबंधन पर सोमवार को भी अव्यवस्थाओं के बीच 32 हजार महिलाओं ने बच्चों सहित रोडवेज बसों में मुफ्त सफर किया। सहकारी समिति की बसों का सहयोग न मिलने के कारण रोडवेज की कई बसों को अतिरिक्त फेरे लगाने पड़े। आलम यह रहा कि कई निजी बस अड्डे के पीछे और पेट्रोल पंप पर खड़ीं नजर आईं।
सुबह चार बजे ही बसों का संचालन शुरू हो गया था। 11 बजे तक बसों में अच्छी खासी भीड़ नजर आई। साढ़े 12 बजे के करीब बस अड्डे पर ज्यादा भीड़ नहीं दिखी, दोपहर बाद महिलाओं की संख्या बढ़ी। विभाग के मुताबिक पूरे दिन 184 बसों में 32 हजार महिलाओं ने सफर किया। शाम के समय पुरुष यात्रियों की संख्या भी बढ़ी।
झज्जर जा रही बस के परिचालक ने वसूला किराया
बस स्टैंड से सोमवार सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर झज्जर के लिए निजी बस रवाना हुई। दिल्ली बाईपास पार करते ही परिचालक ने सवारियों से किराया लेना शुरू किया। इनमें महिला भी शामिल थी। जब महिलाओं ने परिचालक से पूछा कि आज तो किराया माफ है, आप कैसे ले रहे हैं। इस पर परिचालक बोला-फ्री में बस चलाएंगे तो हम घर बैठ जाएंगे।
बस अड्डे के पीछे व पेट्रोल पंप पर खड़ीं मिली निजी बस
परिवहन व्यवस्था की पड़ताल की गई तो दोपहर साढ़े 12 से एक बजे के बीच तीन प्राइवेट बस अड्डे के पीछे खड़ी थी, जबकि एक बस शीला बाईपास के नजदीक पुल के पास खड़ी थी।
आरटीए ने 25 बसों की जांच कर तीन के काटे चालान
आरटीए इंस्पेक्टर जसबीर नरवाल ने कहा कि विभाग की टीम ने सोमवार को 25 बसों की जांच की। इस दौरान तीन बसों में महिलाओं से किराया वसूला गया था। टीम ने किराया वापस करवा तीन बसों का एक-एक हजार रुपये का चालान किया।
रोडवेज की 184 बसें चलाई गईं, इनमें 32 हजार महिलाओं ने सफर किया। सहकारी समिति की एक से दो प्रतिशत बसें ही चली। सोमवार शाम के समय बसें आना शुरू हुईं।
-कुलदीप सिंह, मुख्य निरीक्षक रोडवेज