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Rohtak News: सोनीपत मार्ग पर डेढ़ घंटे तक नहीं मिल पातीं रोडवेज बसें, यात्री परेशान

Sat, 06 Sep 2025 03:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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सोनीपत मार्ग पर शहर में आने के लिए या​त्रियों की भीड़ व निजी बस की छत पर सवार यात्री। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। सोनीपत मार्ग पर डेढ़ घंटे के अंतराल पर भी रोडवेज बस की सुविधा यात्रियों काे नहीं मिल पा रही है। इससे यात्री घंटों इंतजार तो करते ही हैं, साथ ही निजी बसों में जान की परवाह किए बगैर यात्रा करने को मजबूर हैं। विभाग का दावा है कि इस मार्ग पर रोडवेज बसें 20 फेरे करती हैं जबकि निजी बसों के फेरे इससे अधिक निर्धारित हैं।
रोहतक नए बस अड्डे से सोनीपत और सोनीपत से रोहतक तक 50 से अधिक फेरे निजी बसों और 20 से अधिक रोडवेज बसों का संचालन निर्धारति है लेकिन रोज शहर में आने के लिए व दोपहर बाद लौटने के लिए बसों का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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रोडवेज के अनुसार, हर 5 मिनट में निजी बस के संचालन का समय निर्धारित है जबकि 40-50 मिनट में रोडवेज बसें चलती हैं। शहर में आने के लिए सिर्फ निजी बसें मिल रही हैं। यही नहींए रोडवेज बसों के संचालन का समय सुनिश्चित नहीं है। न ही निजी बस संचालक समय पर सभी बसों को चला रहे हैं।
सिलाना निवासी छात्र सचिन ने बताया कि निजी बसों में सरकारी पास को मान्य नहीं कर रहे हैं। शहर में पढ़ाई करने आने के लिए शुक्रवार सुबह डेढ़ घंटे में कोई रोडवेज बस नहीं मिली। हालांकिए दो निजी बसें आईं जो पूरी तरह खचाखच भरी थीं।
बस अड्डे के बूथ नंबर-14 पर भी शुक्रवार दोपहर 1 बजे के बाद बड़ी संख्या में यात्री भागदौड़ करते रहे। बस अड्डा के बूथ पर लगी समय सारिणी में हर 5 मिनट में सोनीपत मार्ग के लिए बस सेवा उपलब्ध है लेकिन वास्तव में यात्रियों के लिए 15 मिनट में एक बस मिल रही है।
अड्डे से निकलने वाली सभी रोडवेज बसें समय पर चल रही हैं। प्रत्येक 5 मिनट में चलने वाली निजी बस समय पर नहीं चल रही है। सोनीपत डिपो से शहर में आने वाली रोडवेज बसों की जानकारी ली जाएगी।
- हंसराज, संस्थान प्रबंधक, रोडवेज।

बसों का कोई समय निर्धारित नहीं है। सोनीपत मार्ग पर प्रतिदिन कॉलेज जाने के लिए बस का लंबा इंतजार करते हैं। अगर कोई बस आ भी गई तो उसमें भी दरवाजों पर यात्री लटके रहते हैं।
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- रोहित जांगड़ा, यात्री।

सुबह कार्यालय और कॉलेज जाने के लिए बसों की जरूरत है। दोपहर बाद अड्डे से समय अनुसार बसें चलनी चाहिए। सभी बसें समय अनुसार चलेंगी तो निजी बसों की छत पर नहीं बैठना पड़ेगा।
सुखबीर, यात्री, आसन।
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