माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला दिया है कि बंगलूरू की बीमा कंपनी वाहन चालक को 5.78 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही, पांच हजार रुपये हर्जाने के तौर पर और पांच हजार कानूनी खर्च के लिए देने होंगे।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, टिटौली गांव निवासी रोहित ने 2020 में याचिका दायर की कि उसने दिल्ली नंबर के वाहन का एक साल के लिए बंगलूरू की कंपनी से इंश्याेरेंस कराया था। फरवरी 2020 में वह कैथल से राजौंद जा रहे थे। रास्ते में अचानक सामने जानवर आ गया। उसे बचाने के चक्कर में वाहन का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे पलट गया। उन्हें घायल हालत में कैथल के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
बीमा कंपनी को सूचना दी गई। उसने वाहन को गड्ढे से निकलवाकर कैथल के पार्क में खड़ा करवा दिया। बीमा कंपनी की तरफ से सर्वे कर कर्मचारी चला गया लेकिन 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने सर्वे कर्मचारी से संपर्क किया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आखिर में रोहित ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। नोटिस पर कंपनी ने जवाब दिया कि वाहन दीवार से टकराकर गड्ढे में गिरा है। सर्वे करने वाले कर्मचारी को वाहन घटनास्थल पर नहीं, वर्कशॉप में खड़ा मिला। यह कहकर कंपनी ने दावे को खारिज करने की मांग की।
दोनों पक्षों की बहस के बाद आयोग ने निर्णय दिया है कि बीमा कंपनी यह साबित करने में नाकाम रही कि वाहन से दीवार को जान बूझकर टक्कर मारी गई। तथ्यों को देखते हुए बीमा कंपनी वाहन चालक को 5 लाख 78 हजार 900 रुपये क्लेम राशि दे।