रोहद टोल प्लाजा पर रोडवेज यात्रियों की जेब काट रहा है। एक बस को
आने-जाने का करीब 200 रुपये टोल देना पड़ता है, जबकि यात्रियों से करीब 560
रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसे में एक फेरे पर एक बस रोजाना करीब 350 रुपये
अतिरिक्त कमाई कर रही है।
रोहद टोल से रोजाना रोडवेज की बसें करीब 244 फेरे
लगाती हैं। ऐसे में रोडवेज को रोजाना करीब एक लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई
हो रही है। अगर यात्रियों के हिसाब से टोल लिया जाए तो एक यात्री के हिस्से
डेढ़ रुपये ही आते हैं, लेकिन रोडवेज हर यात्री से टोल के नाम पर 4 रुपये
वसूल रहा है।
हरियाणा रोडवेज रोहतक डिपो के रिकार्ड के अनुसार प्रतिदिन
244 बस दिल्ली आती-जाती हैं। इसमें करीब 230 हरियाणा रोडवेज की हैं। दिल्ली
जाने वाले यात्रियों का औसत निकाले तो प्रत्येक बस में 60 से 70 यात्री
होते हैं। इतने ही यात्री वापसी भी करते हैं। हरियाणा रोडवेज ने रोहद टोल
शुरू होते ही चार रुपये प्रति यात्री अतिरिक्त किराया वसूलना शुरू कर दिया
है। जबकि एक बस 24 घंटे के अंदर आवागमन करने के लिए 302 रुपये और मासिक पास
बनवाने पर मात्र 6044 रुपये अदा करने पडे़ंगे।
ऐसे होगा रोडवेज को लाभ
बस
में औसतन एक समय में करीब 70 यात्री यात्रा कर रहे होते हैं। हरेक यात्री
से टोल के नाम पर 4 रुपये अतिरिक्त किराया के हिसाब से करीब 280 रुपये
वसूले जाते हैं। अगर वापसी को भी जोडे़ं एक बस करीब 560 रुपये यात्रियों से
अतिरिक्त वसूलती है। जबकि उन्हें टोल पर मात्र 302 रुपये देने पड़ते हैं।
एक बस एक चक्कर में 258 रुपये बचाती है। यदि मासिक पास का औसत निकालें तो
एक बस को आने-जाने में मात्र 202 रुपये टोल अदा करना पड़ेगा। ऐसें में
यात्रियों की चपत बढ़कर एक फेरे पर 358 रुपये होगी। निजी व सरकारी बस
रोजाना रोहतक से करीब 244 फेरे करती हैं। यदि इनके लाभ को जोड़ा जाए तो
प्रति माह दिल्ली जाने वाली बसों को 27 लाख रुपये का अतिरिक्त फायदा हो रहा
है।
एक रुपये की हो रही अतिरिक्त वसूली
रोहतक से दिल्ली का रोडवेज
किराया टोल मिलाकर 59 रुपये बन रहा है। जबकि एक रुपया खुला न होने के चलते
60 रुपये की टिकट काटी जा रही है। परिचालकों की मानें तो यात्रियों को यदि
एक रुपये की टॉफी दी जाए तो उस पर भी विवाद होता है। इसलिए सीधा 60 रुपये
की टिकट काट दी जाती है।
निजी एसी बस का किराया नहीं बढ़ा
हिसार-दिल्ली
रूट पर चलने वाली एसी बस स्टाफ की मानें तो वे रोहतक से दिल्ली का अभी भी
70 रुपया ही वसूल रहे हैं। फिलहाल उनका किराया बढ़ाने का कोई इरादा नहीं
है। उनका कहना है कि यदि किराया बढ़ाना पड़ा तो हिसाब से बढ़ाया जाएगा।